जो सर्वोत्तम है वह स्वयं भगवान जिनकी भक्ति सदैव सच्चे मन व ईमानदारी से करें : जगद्गुरु श्री वसन्त विजयानन्द गिरि जी महाराज
बीकानेर। परमहंस परिव्राजकाचार्य अनन्त श्री विभूषित कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु 1008 परम पूज्यपाद श्री वसन्त विजयानन्द गिरि जी महाराज ने बुधवार को यहां गंगाशहर मार्ग स्थित अग्रवाल भवन परिसर में मानवता को धर्म बताते हुए कहा कि क्रिया अपनी जगह है, मगर किसी भी पंथ संप्रदाय की बगैर उलझन के मानवता की पूजा करने वाला […]
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