केंद्रीय मंत्री मेघवाल वर्चुअल बैठक से जुड़े,भर्ती प्रसूताओं के स्वास्थ्य पर की चर्चा,

बीकानेर राजस्थान
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केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की पहल पर एम्स के विशेषज्ञों ने पीबीएम चिकित्सकों के साथ की टेली-परामर्श बैठक

 

 

बीकानेर, 16 जून। पीबीएम अस्पताल में भर्ती गंभीर प्रसूताओं के उपचार एवं विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की पहल पर मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के विशेषज्ञों एवं सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के चिकित्सकों के बीच महत्वपूर्ण टेली-कंसल्टेशन बैठक आयोजित की गई।

 

उल्लेखनीय है कि रविवार को केंद्रीय मंत्री  अर्जुन राम मेघवाल पीबीएम अस्पताल पहुंचे थे, जहां उन्होंने भर्ती प्रसूताओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। इसके बाद उन्होंने अस्पताल प्रशासन एवं वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ समीक्षा बैठक कर मरीजों के उपचार की स्थिति पर चर्चा की थी। इस दौरान उन्होंने एम्स, नई दिल्ली के विशेषज्ञ चिकित्सकों से मार्गदर्शन उपलब्ध करवाने का विश्वास दिलाया था।

 

केंद्रीय मंत्री के निर्देशों की अनुपालना में एम्स, नई दिल्ली के निदेशक द्वारा एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया। समिति में एम्स की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीना मल्होत्रा को अध्यक्ष तथा एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ प्रो. डॉ. विमी रेवारी, नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ प्रो. डॉ. संदीप महाजन एवं ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. हेम चंद्र पांडे को सदस्य बनाया गया।

 

मंगलवार को आयोजित समिति की पहली टेली-कंसल्टेशन बैठक में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल स्वयं जुड़े और मरीजों की स्थिति तथा उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पीबीएम अस्पताल के चिकित्सकों के साथ गंभीर प्रसूताओं के उपचार, चिकित्सा प्रबंधन एवं आवश्यक सावधानियों पर चर्चा करते हुए आवश्यक सुझाव दिए।

 

डॉ. नीना मल्होत्रा ने समीक्षा के दौरान अस्पताल द्वारा प्रसूताओं के इलाज और देखरेख पर संतोष जताया। उन्होंने बताया कि प्रसूताओं को हाई रिस्क स्थिति में पीबीएम के लिए रेफर किया गया था। इनके द्वारा प्रसव पूर्व चेकअप और आवश्यक जांचें नहीं करवाई थी। ना ही आवश्यक दवाइयां ली गई थी। उनका हीमोग्लोबिन कम और ब्लडप्रेशर बढ़ा हुआ था। उन्हें निम्न संस्थानों से कई जटिलताओं के साथ मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुरेन्द्र वर्मा ने बताया कि दो प्रसूताओं की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है, जिन्हें आने वाले दिनों में डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीबीएम के वरिष्ठ और अनुभवी चिकित्सकों की टीम पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इस दौरान डॉ. नीना मल्होत्रा ने पीएचसी, सीएचसी और निचले संस्थानों को और अधिक सुदृढ़ करने का सुझाव दिया।

 

इस दौरान  मेघवाल ने कहा कि प्रसूताओं को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से प्रसूताओं को बेहतर उपचार उपलब्ध होगा। केंद्रीय मंत्री  मेघवाल ने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इन मरीजों सहित अन्य मरीजों के स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन के लिए एम्स की टीम सदैव तैयार रहेगी। उन्होंने कहा कि पीबीएम अस्पताल की क्षमता वृद्धि के लिए सतत कार्य किया जाएगा। इसके लिए एम्स सहित अन्य उच्चतम चिकित्सा संस्थानों का सहयोग भी लिया जाएगा।

 

बैठक में डॉ. परमिंदर सिरोही, डॉ. जितेंद्र फलोदिया, डॉ. रवि चांडक, डॉ. जिनेश, डॉ. खेताराम, डॉ. सुमन बुडानिया सहित अन्य चिकित्सक भी शामिल रहे।