आईसीएसआई की नई पहलें कॉरपोरेट गवर्नेंस, प्रोफेशनल स्किल्स और युवाओं के अवसरों को देंगी नई दिशा

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नई दिल्ली। भारतीय कम्पनी सचिव संस्थान (ICSI) ने कॉरपोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने, प्रोफेशनल्स एवं विद्यार्थियों के कौशल विकास, वैश्विक अवसरों के विस्तार तथा सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण नई पहलों की घोषणा की है। संसद के अधिनियम के तहत गठित एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन कार्यरत ICSI देश में कम्पनी सचिव पेशे को विकसित और विनियमित करने के साथ उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

 

पहली ग्लोबल गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस जनवरी 2027 में

 

ICSI द्वारा पहली Global Governance Conference का आयोजन 8 एवं 9 जनवरी 2027 को मुंबई में किया जाएगा। इस वैश्विक सम्मेलन में प्रतिष्ठित अतिथियों, सरकारी अधिकारियों, प्रोफेशनल्स, कॉरपोरेट लीडर्स, शिक्षाविदों और नियामकों की भागीदारी होगी। सम्मेलन का उद्देश्य जिम्मेदार एवं बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस के लिए वैश्विक स्तर पर भविष्य की दिशा तय करना है।

 

कॉरपोरेट गवर्नेंस में उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार

 

ICSI द्वारा वर्ष 2001 से दिए जा रहे National Awards for Excellence in Corporate Governance का 26वां संस्करण 8 जनवरी 2027 को आयोजित किया जाएगा। इन पुरस्कारों के माध्यम से कॉरपोरेट गवर्नेंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यवसायों एवं प्रोफेशनल्स को सम्मानित किया जाता है।

 

विद्यार्थियों और सदस्यों के लिए नए क्षमता निर्माण कार्यक्रम

 

ICSI ने विद्यार्थियों और सदस्यों के लिए विभिन्न नए पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें IFSCA द्वारा निर्दिष्ट फंड मैनेजमेंट एवं कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरीज से जुड़े पाठ्यक्रम, करियर ब्रेक के बाद कम्पनी सेक्रेटरी की भूमिका में लौटने वाली महिलाओं के लिए Professional Reboot Certificate Course, गुजरात मैरीटाइम यूनिवर्सिटी के सहयोग से दो वर्षीय फुल-टाइम MBA in Maritime Regulations and Compliance Management, NISM के साथ Corporate and Securities Markets Compliances Certificate Course, UAE में कार्य के इच्छुक प्रोफेशनल्स के लिए Certificate Course on UAE Business Manager तथा Online Dispute Resolution, Digital Arbitration एवं Mediation पर प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम शामिल हैं।

 

सस्टेनेबल और जिम्मेदार कॉरपोरेट गवर्नेंस पर जोर

 

ICSI ने ICSI Guiding Principles on Stewardship (IGPS) के माध्यम से संस्थागत निवेशकों एवं सेवा प्रदाताओं के लिए नैतिक, टिकाऊ और जिम्मेदार निवेश से जुड़े मार्गदर्शक सिद्धांत तैयार किए हैं। इसके साथ ही ICSI Principles on Climate Change Governance (IPCG) के माध्यम से जलवायु संबंधी पारदर्शिता, मापदंडों और लक्ष्यों पर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया है।

 

ESG से जुड़े कार्यों के लिए Stakeholder Engagement Toolkit तथा कार्यस्थल पर लैंगिक समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए Governance and Compliance Standard on Prevention of Sexual Harassment (PoSH) at Workplace भी प्रमुख पहल हैं।

 

स्टार्टअप, MSME और सोशल ऑडिट के क्षेत्र में पहल

 

ICSI Start-up and MSME Catalyst के माध्यम से कम्पनी सचिव सदस्यों को स्टार्टअप और MSME क्षेत्र को आवश्यक मार्गदर्शन देने के लिए तैयार किया जा रहा है। वहीं ICSI Institute of Social Auditors सामाजिक ऑडिट एवं प्रभाव आकलन के क्षेत्र में पेशेवर मानकों को मजबूत करने का कार्य कर रहा है।

 

ICSI Social Audit Standards के अंतर्गत SEBI के संबंधित प्रावधानों के तहत सामाजिक उद्यमों की सामाजिक ऑडिट प्रक्रिया के लिए मानक विकसित किए गए हैं। Registered Valuer’s Toolkit के माध्यम से रजिस्टर्ड वैल्यूअर्स को नियामकीय ढांचे, व्यावहारिक जानकारी और नैतिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ICSI की बढ़ती मौजूदगी

 

कॉरपोरेट गवर्नेंस को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से ICSI ने ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, सिंगापुर, UAE, UK और USA में Overseas Centres स्थापित किए हैं। Services Exports Promotion Council (SEPC) के साथ MoU के माध्यम से ICSI सदस्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच, प्रशिक्षण, संयुक्त शोध एवं सहयोग के अवसर बढ़ाने पर कार्य कर रहा है।

 

India-Australia Facilitation Centre के माध्यम से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार, निवेश और व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा देने के साथ नियामकीय मार्गदर्शन एवं पेशेवर सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की गई है।

 

विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और करियर के नए अवसर

 

ICSI ने कम्पनी सेक्रेटरी पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों के प्रवेश को सुविधाजनक बनाने के साथ विभिन्न शैक्षणिक पहलों की शुरुआत की है। कक्षा 10 उत्तीर्ण विद्यार्थी CSEET के लिए प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, जबकि स्नातक एवं कुछ अन्य पात्र विद्यार्थी सीधे CS Executive Programme में प्रवेश ले सकते हैं। Executive एवं Professional Programme के विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन Doubt-Clearing Classes की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

 

ICSI Youth Board Meeting Competition, International Commerce Olympiad, ICSI Commerce Olympiad तथा ICSI Academic Connect जैसी पहल विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान, बोर्डरूम स्किल्स और प्रोफेशनल क्षमता विकसित करने पर केंद्रित हैं।

 

विद्यार्थियों के कल्याण के लिए सामाजिक पहल

 

ICSI Students’ Benevolent Fund के माध्यम से आपात परिस्थितियों में विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की पहल की गई है। इसके तहत पात्र मामलों में चिकित्सा आपात स्थिति, दुर्घटना अथवा अभिभावक/विद्यार्थी की मृत्यु जैसी परिस्थितियों में निर्धारित आर्थिक सहायता का प्रावधान है।

 

इसके अतिरिक्त भारतीय सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, अग्निवीरों, शहीदों के परिवारों एवं उनके आश्रितों के लिए CS Executive Programme में शुल्क माफी तथा जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के विद्यार्थियों के लिए CSEET एवं CS Executive Programme में शुल्क माफी जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। SC/ST एवं दिव्यांग विद्यार्थियों तथा कुछ विशेष भौगोलिक क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए शुल्क रियायत का प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों के लिए Canara Bank के माध्यम से Education Loan सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

 

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना और कॉरपोरेट मित्र योजना

 

ICSI प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत Professional Institution (Anchor Entity) के रूप में पंजीकृत होने वाला पहला प्रोफेशनल संस्थान बना है। इसके माध्यम से पंजीकृत कम्पनी सेक्रेटरी फर्म युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने में भूमिका निभाएंगी।

 

वहीं Ministry of Corporate Affairs के साथ Corporate Mitra Scheme के माध्यम से MSMEs के लिए प्रशिक्षित एवं प्रमाणित पैराप्रोफेशनल्स का नेटवर्क विकसित करने की पहल की गई है। Corporate Mitras MSMEs को रेगुलेटरी कम्प्लायंस, GST, अकाउंटिंग, वित्तीय मार्गदर्शन, कॉस्ट अकाउंटिंग एवं सेक्रेटेरियल सेवाओं में सहायता प्रदान कर सकेंगे।

 

SME और NGO क्षेत्र के लिए भी जागरूकता कार्यक्रम

 

ICSI, SEBI के सहयोग से SME Fund Raising Conclaves और क्षेत्रीय आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, ताकि व्यवसायों को IPO प्रक्रिया और पूंजी बाजार से धन जुटाने की प्रक्रिया की जानकारी मिल सके।

 

इसके अलावा ICSI एवं ICSI Institute of Social Auditors द्वारा NABARD के सहयोग से NGOs के लिए Outreach Programme आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य गैर-लाभकारी संगठनों को भारत के Social Stock Exchange पर पंजीकरण और लिस्टिंग से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना है।

 

80 हजार से अधिक सदस्य और लगभग 2.5 लाख विद्यार्थी

 

ICSI की स्थापना Company Secretaries Act, 1980 के तहत हुई है और यह कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के अधिकार क्षेत्र में कार्य करता है। संस्थान का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ कम्पनी सचिव पेशे के विकास और बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस के लिए उच्च मानक स्थापित करना है। वर्तमान में ICSI के साथ 80,000 से अधिक सदस्य और लगभग 2.5 लाख विद्यार्थी जुड़े हुए हैं।

 

ICSI की इन पहलों का उद्देश्य कॉरपोरेट गवर्नेंस, प्रोफेशनल शिक्षा, वैश्विक अवसर, सामाजिक उत्तरदायित्व और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप कम्पनी सचिव पेशे को और अधिक सक्षम बनाना है।