

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विराजीं मां सरस्वती, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बना ज्ञान और आध्यात्मिकता का संगम

बीकानेर, 24 जून। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित मंदिर में पांच दिवसीय मां सरस्वती प्रतिमा स्थापना एवं प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के साथ भव्य आयोजन किया गया। बुधवार को आयोजित मुख्य समारोह में हवन, प्राण-प्रतिष्ठा एवं पूर्णाहुति के कार्यक्रम सम्पन्न हुए, जिनमें विश्वविद्यालय परिवार के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा उनके परिजनों ने बड़ी संख्या में सहभागिता निभाई।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी उमेश शर्मा ने बताया कि 20 जून से प्रारम्भ हुए इस धार्मिक आयोजन का समापन बुधवार प्रातः वैदिक अनुष्ठानों एवं हवन के साथ हुआ। इस अवसर पर शिवबाड़ी मंदिर के अधिष्ठाता स्वामी विमर्शानन्द जी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में मां सरस्वती की प्रतिमा की विधिवत स्थापना एवं प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, भजन एवं श्रद्धामय वातावरण से गुंजायमान रहा तथा आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित एवं उनकी धर्मपत्नी आरती दीक्षित ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति, शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान स्थापित करने की कामना की। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों से समर्पण, एकजुटता और सकारात्मक सहभागिता के साथ विश्वविद्यालय के सर्वांगीण विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान में आचार्य राजेन्द्र जोशी, विश्वविद्यालय आईक्यूएसी के सदस्य नरेश गोयल, पूजा मोहता एवं राजेश चूरा ने भी मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त किया। अनुष्ठान में प्रो. राजाराम चोयल एवं डॉ. गीता चोयल यजमान के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलसचिव यशपाल आहूजा तथा वित्त नियंत्रक देवेन्द्र सिंह राठौड़ ने भी पूजा-अर्चना कर मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त किया।
प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत पूर्णाहुति सम्पन्न हुई तथा श्रद्धालुओं के मध्य प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी जनों ने ज्ञान, विवेक एवं सद्बुद्धि की अधिष्ठात्री मां सरस्वती से विश्वविद्यालय की उन्नति, समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
