

बीकानेर, 19 अगस्त। मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार को शोभासर गांव में नर्सिंग विद्यार्थियों के सहयोग से सघन एंटीलार्वा एवं एंटी एडल्ट गतिविधियां संचालित की गईं। सीएमएचओ डॉ पुखराज साध ने बताया कि एपिडेमियोलॉजिस्ट नीलम प्रताप सिंह राठौड़ के नेतृत्व में टीमों ने गांव के 142 घरों का सर्वे कर 163 जल पात्रों में लार्वारोधी टेमीफॉस डाला तथा रुके हुए गंदे पानी में एमएलओ का उपयोग किया। राठौड़ एवं सहायक मलेरिया अधिकारी अशोक व्यास ने ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया से बचाव, लक्षण एवं उपचार की जानकारी दी। ग्रामवासियों से संपर्क कर गांव में गंदे पानी की समस्या के स्थायी निस्तारण के लिए आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा की, ताकि मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त किया जा सके।
अभियान में नर्सिंग अधिकारी विजय सिंह, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी किरण, उमेश व अरुण कुमार, एएनएम मुकेश कुमारी सहित एमएन नर्सिंग इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी स्वास्थ्य डॉ. लोकेश गुप्ता ने बताया कि शोभासर गांव में गत वर्ष डेंगू के 35 मामले सामने आए थे, इसलिए क्षेत्र को विशेष निगरानी में रखते हुए सघन मच्छररोधी गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। जिले में गत वर्ष कुल 793 डेंगू केस रिपोर्ट हुए थे, जबकि इस वर्ष अब तक मात्र 9 मामले सामने आए हैं। उन्होंने आमजन से सप्ताह में कम से कम एक बार घर एवं आसपास कूलर, गमले, फ्रिज ट्रे, छत पर पड़े पात्र तथा अन्य स्थानों पर जमा पानी को खाली कर साफ करने की अपील की।
