बीकानेर मेडिकल प्रशासन एक्शन मोड में, समन्वय बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने पर विशेष जोर

बीकानेर राजस्थान
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एसपीएमसी : प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने ली कॉलेज काउंसिल कि बैठक : व्यवस्थाओं के सुधार पर अधिकारीयों को दिये निर्देश

 

 

बीकानेर, 19 मई 2026। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कॉलेज काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में पीबीएम अस्पताल, एसएसबी अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज से जुड़े विभिन्न विभागाध्यक्षों, अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों ने भाग लिया।

 

बैठक में प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा ने सभी विभागाध्यक्षों, नोडल अधिकारियों एवं चिकित्सकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने हाल ही में कोटा एवं जोधपुर में सामने आए मामलों का उल्लेख करते हुए बीकानेर में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न नहीं होने देने पर विशेष जोर दिया।

 

बैठक में साइरेक्स कंपनी के कार्यों को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों को मॉनिटरिंग मजबूत करने के निर्देश दिए गए। यूजी एवं पीजी सीटों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवश्यक उपकरणों की मांग शीघ्र भेजने को कहा गया ताकि राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाकर आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जा सके।

 

बैठक के दौरान पीबीएम अधीक्षक डॉ. बीसी घीया ने संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के त्वरित निस्तारण, आरजीएचएस एवं मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा चिकित्सा सेवाओं में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही सफाई व्यवस्था को चौबीसों घंटे सुचारू रखने, हॉस्टलों की व्यवस्थाएं बेहतर करने तथा सुरक्षा गार्डों की कार्यप्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए।

 

प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने टेंडर प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब कम करने तथा छह-छह माह तक लंबित रहने वाले कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए लेखा शाखा को निर्देशित किया गया। साथ ही प्राचार्य डॉ सुरेंद्र कुमार ने ओटी एवं आइसीयु से जुडी आपकालीन व्यवस्थाओ को लेकर सम्बंधित स्टॉफ को 24*7 अलर्ट मोड़ पर सक्रिय रहने कि सलाह दी साथ ही विभागध्यक्षो को ओटी एवं आईसीयू से जुड़े आवश्यक उपकारणों कि डिमांड शीघ्र भिजवाने के निर्देश दिये.

 

मरीजों की पर्चियों में चिकित्सकों द्वारा स्पष्ट डायग्नोसिस लिखने पर भी जोर दिया गया ताकि विभागों के बीच समन्वय में परेशानी न हो।

 

मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के नोडल अधिकारी डॉ. शिव शंकर झंवर ने ड्रग डिस्ट्रिब्यूशन काउंटरों पर तापमान संबंधी समस्याओं को लेकर जानकारी दी , जिस पर उचित तापमान व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं नए टेंडर के माध्यम से एलटी, रेडियोग्राफर, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य कर्मचारियों की भर्ती की बात रखी गई।

 

एसएसबी अध्यक्ष डॉ. संजीव बुरी ने कहा कि एसएसबी अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्य राज्य सरकार की कार्यकारी एजेंसी की देखरेख में हो रहे हैं, जिसके कारण फिलहाल स्थान संबंधी कुछ समस्याएं हैं। उन्होंने भविष्य में मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए एसएसबी अस्पताल के विस्तार की आवश्यकता बताई।

 

अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य ने नकारात्मक समाचारों का त्वरित जवाब राज्य सरकार को भेजने एवं आवश्यक होने पर उनका खंडन करने की बात कही। वहीं अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. नारंगलाल महावर ने रेजिडेंट डॉक्टरों को अपने पंजीकरण संबंधी कार्य सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।

 

वित्तीय सलाहकार पवन कस्वां ने विभागाध्यक्षों को समस्त पत्राचार एसएसओ आईडी आधारित ई-फाइलिंग के माध्यम से करने तथा किसी भी प्रकार की चोरी होने पर तत्काल एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य सरकार के नवीन नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि दस लाख रुपये से अधिक की खरीद चिकित्सा मंत्री की सलाह के बाद ही की जाएगी।

 

बैठक में लाइब्रेरी प्रभारी एवं टीबी एंड चेस्ट विभाग के डॉ. राजेंद्र सोगत ने लाइब्रेरी भवन के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराने की मांग उठाई । सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. एमएल दवा ने पुराने उपकरणों के अपग्रेडेशन की मांग उठाई।

 

हॉस्टल प्रभारी डॉ. शकील ने हॉस्टल की विद्युत वायरिंग बदलने की आवश्यकता बताई, जबकि गायनी विभाग की ओर से डॉ. संतोष खजोटीया ने लेबर रूम एवं ओटी की अव्यवस्थाओं को दूर करने तथा प्रसव योजना में एंट्री कार्य के लिए अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।

 

एनेस्थीसिया विभागसे डॉ. कांता भाटी ने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर सीपीआर प्रशिक्षण दिया जाता है। वहीं पैथोलॉजी विभाग के डॉ. डीपी सोनी ने कहा कि कई बार बायोप्सी फॉर्म अधूरे आते हैं, इसलिए सभी विभागाध्यक्षों को पूर्ण जानकारी सहित फॉर्म भेजने के निर्देश दिए जाएं।

 

बैठक में एमटीडब्ल्यू एक्सटेंशन के लिए राज्य सरकार को पत्र भेजे जाने की जानकारी भी दी गई। अंत में प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा ने सभी विभागाध्यक्षों की समस्याएं सुनते हुए आश्वस्त किया कि सभी सुझावों एवं मांगों पर गंभीरता से विचार कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुचारू बनाया जाएगा।

 

*लेखा विभाग के कार्य को सराहा*

कॉलेज काउंसिल की बैठक के दौरान प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉक्टर सुरेंद्र कुमार तथा पीबीएम अधीक्षक डॉ बी घीया द्वारा लेखा विभाग के कार्य को सराहा गया, डॉ. वर्मा ने बताया कि वित्तीय सलाहकार पवन कस्वां एवं उनकी टीम के सहायक लेखाधिकारी प्रथम चंद्रशेखर, सुनील ने दिन रात मेहनत करके कॉलेज के ऑडिटोरियम को पुन: शुरू करवाने में पुरजोर मदद की, साथ ही मेडिकल कॉलेज के त्वरित विकास एवं बजट आवंटन को लेकर अपने अनुभव से हर संभव सकारात्मक कदम उठाने को तत्पर रहे. इस कार्यक्रम में इन सभी की भागीदारी रही, अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. नीति शर्मा, पीबीएम उप अधीक्षक डॉ. गौरीशंकर जोशी, डॉ. तरुणा स्वामी, डॉ. परमेंद्र सिरोही, डॉ. विवेक समोर, डॉ. आशीष जोशी, डॉ. जीएस तवर, डॉ. एलके कपिल, डॉ. बीएल खजोटीया, डॉ. संजय कोचर, , डॉ. सुरेंद्र जीनगर, डॉ. दिनेश सोढ़ी, डॉ. जितेंद्र आचार्य, डॉ. संदीप गुप्ता, डॉ. जगदीश कुकना, डॉ. संदीप गुप्ता, डॉ. हरदेव नेहरा, डॉ. जितेंद्र फलोदिया, जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुनील हर्ष, डॉ. कांता भाटी, डॉ. मनोज माली, डॉ. राजेंद्र सोगा, डॉ. गौरव शर्मा, डॉ. डीपी सोनी, डॉ. विजय तुंदवाल, डॉ. स्वाति फलोदिया, डॉ. मुकेश बेनीवाल, डॉ. शंकरलाल जाखड़, एमएनडीवाई नोडल अधिकारी शिवशंकर झंवर, डॉ दीपशिखर आचार्य, सहित अकाउंट ऑफिसर ललिता ननकानी, सहायक लेखाधिकारी चंद्रशेखर, सुनील, एसीपी आईटी पीबीएम अस्पताल पंकज छिम्पा , महेश आचार्य,एसीपी आईटी मेडिकल कॉलेज पूर्णिमा गोयल, निजी सहायक विनय गोस्वामी, अनु छाबडा , नर्सिंग अधीक्षक लता, संतोष तंवर, मोहम्मद रमजान सहित अन्य अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।