
भीषण गर्मी, बिजली-पानी संकट और नीट पेपर लीक को लेकर सरकार पर बरसे बिशनाराम सियाग, आंदोलन की दी चेतावनी

बीकानेर, 19. मई 2026। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में भीषण गर्मी, लगातार बढ़ती बिजली कटौती, गहराते पेयजल संकट और नीट पेपर लीक मामले को लेकर मंगलवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी श्रीडूंगरगढ़, सूडसर एवं नगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में उपखंड मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और युवाओं ने राज्य व केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व धर्मेन्द्र प्रधान का पुतला दहन कर आक्रोश जताया। इसके बाद उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आमजन और विद्यार्थियों के हित में तत्काल प्रभाव से ठोस कार्रवाई करने की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही बिजली, पानी और युवाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस पार्टी आमजन और विद्यार्थियों को साथ लेकर आंदोलन को और उग्र करेगी तथा सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा ने आरोप लगाया कि जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से अघोषित बिजली कटौती जारी है, जिससे आमजन का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। दिन और रात में बार-बार बिजली गुल होने से लोगों को भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, व्यापारिक गतिविधियां बाधित हो रही हैं तथा किसानों को सिंचाई कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। लगातार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या के कारण घरों व खेतों में लगे पंखे, कूलर, फ्रिज, मोटर और अन्य विद्युत उपकरण खराब हो रहे हैं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। गर्मी के इस मौसम में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक परेशान हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन स्थिति सुधारने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं।
देहात जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच आमजन बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, वहीं दूसरी ओर युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में लगातार लापरवाही सामने आ रही है। राज्य सरकार जनता की समस्याओं के समाधान में पूरी तरह विफल साबित हो रही है और केवल घोषणाओं तक सीमित होकर रह गई है। जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती और पेयजल संकट ने आमजन का जीवन बेहद कठिन बना दिया है। कई गांवों और मोहल्लों में समय पर पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। सरकार जनता की वास्तविक समस्याओं से पूरी तरह फैल हो चुकी है और प्रशासनिक स्तर पर भी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसके साथ ही उन्होने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि लाखों विद्यार्थियों ने वर्षों की मेहनत और कठिन तैयारी के बाद परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर लीक व रद्द जैसी घटनाओं ने युवाओं के सपनों और भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार ने शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सियाग ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को बर्खास्त किया जायें, एनटीए को प्रतिबन्धित किया जायें, बिजली और पानी की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, अन्यथा कांग्रेस पार्टी आमजन और युवाओं को साथ लेकर विशाल आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।
पीसीसी समन्वयक रामदेव ढ़ाका ने कहा कि आमजन को पेयजल के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि महिलाओं और ग्रामीणों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों का जीवन बेहद कठिन बना दिया है। कई क्षेत्रों में लोग टैंकरों के भरोसे जीवनयापन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन स्थायी समाधान निकालने में असफल साबित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की वास्तविक समस्याओं से पूरी तरह विफल हो चुकी है और प्रशासनिक स्तर पर भी शिकायतों पर गंभीरता से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही हैं।
प्रदर्शन के दौरान श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष राधेश्याम सिद्ध सूडसर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्रीराम भादू, शहर अध्यक्ष ओमप्रकाश गुरावा, जिला प्रमुख मोडाराम मेघवाल, डॉ. प्रीति मेघवाल, अंजू पारख, रामनिवास गोदारा, विमल भाटी, श्रीकृष्ण गोदारा, इत्यादि ने भी सम्बोधित किया।
प्रदर्शन में ओमप्रकाश मेेघवाल, कन्हैयालाल सोमानी, महेन्द्र कूकणा, विजयराज सेवग, हेतराम जाखड़, सीताराम नायक, प्रभुराम बाना, राजेन्द्र बापेऊ, सत्यनारायण जाट, मनोज पारख, संदीप मारू, प्रहलाद सोनी, कन्हैयालाल बाना, सन्तोष गोदारा, मनोज सुथार, राधेश्याम सारस्वत, संजय करनाणी, राजेश मंडा, बुधाराम गांधी, रमेश बासनीवाल, रामचंद्र छपोला, मूलचंद स्वामी, रमेश प्रजापत, शाकिर बहलीम, भंवरलाल गोदारा, एकराज खान, यूसुफ चूनगर, सोहनलाल महिया, रामसिंह सहित अनेक पदाधिकारीगण और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
