बीकानेर, 27 मार्च। राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा निदेशक श्री सीताराम जाट ने शुक्रवार को जयपुर जिले के सांगानेर एवं चाकसू क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शैक्षिक वातावरण एवं सत्र 2026-27 के प्रवेशोत्सव सघन अभियान की तैयारियों की विशेष रूप से समीक्षा की गई।
निदेशक ने सांगानेर और चाकसू पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाले राउमावि वाटिका, कुम्हारियावास और तितरिया विद्यालयों का निरीक्षण किया। विभाग द्वारा प्रवेशोत्सव के लिए चार चरणों में सर्वे कार्य के निर्देश दिए गए थे, जिसका पहला चरण 27 मार्च को निर्धारित था।
निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, सांगानेर ग्रामीण द्वारा विभागीय निर्देशों के बावजूद उसी दिन शुक्रवार सुबह 8ः30 बजे से शाम 5 बजे तक राउमावि भम्भौरिया में बैठक आयोजित की गई। इससे विद्यालयों में चल रहे प्रवेशोत्सव अभियान का प्रथम चरण बाधित हुआ, क्योंकि अधिकांश संस्थाप्रधान बैठक में व्यस्त रहे। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सांगानेर ग्रामीण जयपुर के द्वारा प्रवेशोत्सव सघन अभियान में बाधा डालने के कारण निलंबन एवं राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 16 के तहत कार्रवाई प्रस्ताव शासन को भिजवाने के निर्देश दिए गए है।
राउमावि वाटिका में निरीक्षण के समय प्रधानाचार्य श्रीमती सारिका सिंघल बैठक में उपस्थित रहने के कारण विद्यालय में अनुपस्थित मिलीं, जबकि विद्यालय स्टाफ को प्रवेशोत्सव अभियान की समुचित जानकारी नहीं थी। साथ ही, नियुक्त शिक्षक में से 4 शिक्षक अन्य कार्यों में लगे होने के कारण अनुपस्थित पाए गए। इस पर निदेशक ने प्रधानाचार्य के विरुद्ध राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 17 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए।
निदेशक ने स्वयं क्षेत्र में जाकर डोर-टू-डोर सर्वे का निरीक्षण किया और अभिभावकों से संवाद कर सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बारे में जानकारी दी। बच्चों को राजकीय विद्यालयों में प्रवेश दिलवाए जाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने डिजिटल प्रवेशोत्सव मॉड्यूल ऐप में आ रही तकनीकी समस्याओं का भी मौके पर समाधान करवाया।
राउमावि कुम्हारियावास, चाकसू में निरीक्षण के दौरान दो पंचायत सहायक लंबे समय से बीएलओ कार्य के नाम पर अनुपस्थित पाए गए। इस पर निदेशक ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर दोनों को निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं एक शिक्षक श्री गिरिराज साहू द्वारा आदेशों की अवहेलना करते हुए जनगणना ड्यूटी में जाने पर उनके खिलाफ भी राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 17 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा राउमावि तितरिया में प्रवेशोत्सव अभियान के लिए कोई ठोस योजना नहीं मिलने और विभागीय निर्देशों की अवहेलना पर प्रधानाचार्य श्रीमति शशिबाला सपरा के विरुद्ध भी राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 17 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
निदेशक सीताराम जाट ने स्पष्ट कहा कि प्रवेशोत्सव सघन अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
