एनीमिया मुक्त बीकानेर जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा

बीकानेर राजस्थान
Spread the love
https://https://anushasitvani.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-30-at-2.27.10-PM-1.jpeghttps://anushasitvani.com/wp-content/uploads/2024/06/20240619_101620.png

डेंगू नियंत्रण, सुरक्षित मातृत्व, एचपीवी टीकाकरण एवं मां योजना की प्रगति पर जिला कलेक्टर ने दिए आवश्यक निर्देश

 

बीकानेर,22 जुलाई। जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक का आयोजन जिला आईटी केन्द्र में जिला कलेक्टर  निशांत जैन की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी  शैलजा पांडे एवं स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी आईटी केन्द्र से उपस्थित रहे, जबकि जिले के सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अस्पतालों के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी तथा विभिन्न उपखंड अधिकारी अपने-अपने ब्लॉक से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

 

बैठक में एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने बीकानेर को एनीमिया मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध तथा उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (परिवार कल्याण) डॉ. योगेन्द्र तनेजा को दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों, किशोर-किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की रोकथाम से न केवल उनका वर्तमान स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि भविष्य में भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचाव संभव होगा।

 

मौसमी बीमारियों की समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टर ने वर्षा ऋतु को देखते हुए डेंगू नियंत्रण के लिए एंटी लार्वा गतिविधियों में और अधिक तेजी लाने के निर्देश उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. लोकेश गुप्ता तथा एपिडेमियोलॉजिस्ट नीलम प्रताप सिंह राठौड़ को दिए। उन्होंने मौजूदा समय में मौसमी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए विभागीय टीम की सराहना भी की।

 

गैर संक्रामक रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने पीबीएम अस्पताल के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में की जा रही स्क्रीनिंग का शत-प्रतिशत इन्द्राज एनसीडी पोर्टल पर सुनिश्चित किया जाए, जिससे वास्तविक उपलब्धियों का सही आकलन हो सके।

 

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टर ने जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भवानीशंकर गहलोत को निर्देश दिए कि प्रत्येक उच्च जोखिम गर्भावस्था को एक स्वास्थ्यकर्मी, एक एम्बुलेंस तथा एक उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान से मैप करते हुए सुरक्षित प्रसव की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। समीक्षा में यह सामने आया कि जिला प्रसव पूर्व पंजीकरण में बेहतर स्थिति में है, लेकिन चारों अनिवार्य प्रसव पूर्व जांच पूर्ण कराने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम है। इस पर लूणकरणसर ब्लॉक के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जवाब-तलब किया गया। साथ ही लूणकरणसर ब्लॉक में एचपीवी टीकाकरण की कम उपलब्धि पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए गए।

 

बैठक में प्रत्येक संस्थागत प्रसव का इन्द्राज प्रसव वॉच सॉफ्टवेयर पर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश पीबीएम अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. गौरीशंकर जोशी को दिए गए। इसके साथ ही ई-संसाधन पोर्टल की भी समीक्षा की गई।

 

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टर ने गत माह की तुलना में टीआईडी संख्या में 13 प्रतिशत वृद्धि पर संतोष व्यक्त किया। हालांकि जिन चिकित्सा संस्थानों में भर्ती मरीजों में 20 प्रतिशत से भी कम को मां योजना का लाभ दिया जा रहा है, उनसे जवाब-तलब किया गया। विशेष रूप से कालू एवं हदा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारियों को सभी पात्र भर्ती मरीजों को शत-प्रतिशत योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

 

बैठक में मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना, हब एवं स्पोक मॉडल, टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा डॉ चंद्रशेखर मोदी द्वारा प्रस्तुत की गई। बैठक में 108 एम्बुलेंस सेवा, परिवार कल्याण कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम सहित अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की भी विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।