

अनुशासित वाणी न्यूज़, बीकानेर, 2 अक्टूबर 2026। पंचायत चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं और इनकी निष्पक्षता बनाए रखना निर्वाचन प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। लेकिन कोलायत विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोटड़ा और नाईयों की बस्ती में सरकारी कर्मचारियों की कथित चुनावी सक्रियता को लेकर अब राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने इस मामले में जिला निर्वाचन प्रशासन के सामने गंभीर आरोप उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष मोहनसिंह राठौड़ ने आरोप लगाया कि कुछ सरकारी कर्मचारी अपने संवैधानिक एवं प्रशासनिक दायित्वों की मर्यादा से बाहर जाकर कथित रूप से विशेष प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी गतिविधियों में शामिल रहे। उन्होंने सरकारी शिक्षक, उप प्रधानाचार्य और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई है।
सरकारी उप प्रधानाचार्य पर चुनाव प्रचार में शामिल होने का आरोप
राठौड़ के अनुसार, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय समरदा, पूगल में पदस्थ उप प्रधानाचार्य राजेन्द्र मेघवाल ने कोटड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव में अपनी रिश्तेदार सुनीता मेघवाल के समर्थन में कथित रूप से सक्रिय भूमिका निभाई। आरोप है कि वे चुनाव प्रचार, नामांकन प्रक्रिया और अन्य चुनावी गतिविधियों में शामिल रहे। प्रत्याशी के चुनाव कार्यालय, पोस्टर, बैनर और प्रचार सामग्री में भी उनकी सक्रियता होने का दावा किया गया है।
AAP जिलाध्यक्ष का कहना है कि इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत के साथ वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध करवाए गए हैं, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने को लेकर BLO पर सवाल
मामले में मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सुनीता मेघवाल का नाम कोटड़ा ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए BLO राजेश नायक के साथ कथित मिलीभगत की गई। राठौड़ ने संबंधित दस्तावेजों, निवास संबंधी रिकॉर्ड और मतदाता सूची की जांच करवाने की मांग की है।
दूसरी पंचायत में प्रत्याशी के समर्थन में सक्रियता का आरोप
आम आदमी पार्टी ने ग्राम पंचायत चांडासर के रोजगार सहायक एवं वर्तमान BLO गणेशाराम सारण की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत के अनुसार, उन्होंने अपनी निर्धारित पंचायत के बजाय नाईयों की बस्ती में एक प्रत्याशी के समर्थन में कथित रूप से चुनावी सक्रियता दिखाई। साथ ही मतदाताओं और चुनावी कार्मिकों को प्रभावित करने का प्रयास करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
रुपये और शराब बांटने के आरोप, वायरल तस्वीरों की जांच की मांग
शिकायत में दोनों कर्मचारियों पर पसंदीदा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए रुपये और शराब बांटने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। राठौड़ का दावा है कि सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें राजेन्द्र मेघवाल को शराब ठेके पर बैठे हुए दिखाया गया है।
उन्होंने इन तस्वीरों और वीडियो की सत्यता की जांच करवाने तथा आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल करने की मांग की है।
बज्जू खालसा की चुनाव ड्यूटी हटवाने का भी मामला उठाया
राठौड़ ने आरोप लगाया कि राजेन्द्र मेघवाल की द्वितीय चरण के मतदान में बज्जू खालसा में चुनाव ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन कथित प्रभाव और सांठगांठ के चलते उन्होंने अपनी ड्यूटी हटवा ली। इसके बाद चुनाव प्रचार में सक्रिय रहने का भी आरोप लगाया गया है। पार्टी ने इस संबंध में ड्यूटी आदेश और उसमें हुए बदलाव की जांच करवाने की मांग की है।
AAP की मांग—शिकायतों पर हो कार्रवाई, सामने आए सच्चाई
आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष मोहनसिंह राठौड़ ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में सरकारी कर्मचारियों की निष्पक्षता बेहद जरूरी है। यदि सरकारी पदों पर बैठे कर्मचारी किसी प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करते हैं या मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं, तो यह निर्वाचन व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की कि पूर्व में दी गई शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लिया जाए, संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो, उपलब्ध वीडियो एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का सत्यापन करवाया जाए और आरोप प्रमाणित होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह होगा कि पंचायत चुनाव से जुड़े इन गंभीर आरोपों पर जिला निर्वाचन प्रशासन क्या कदम उठाता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते है।
