


बीकानेर, 7 जुलाई। अधिकांश किशोर जहां पढ़ाई और करियर की दिशा तय करने में व्यस्त रहते हैं, वहीं बीकानेर के युवा एंटरप्रेन्योर महीप पुरोहित ने मात्र 15 वर्ष की आयु में तकनीक के माध्यम से वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने का संकल्प लिया। वर्षों की मेहनत, शोध और नवाचार के बाद उनके आविष्कार एआईपीआईएस (AIPIS – Artificial Intelligence Pipeline Inspection System) को आधिकारिक रूप से पेटेंट ग्रांट हो गया है।
एआईपीआईएस एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित पाइपलाइन निरीक्षण प्रणाली है, जिसे पानी, तेल, गैस तथा अन्य औद्योगिक पाइपलाइनों की लगातार निगरानी के लिए विकसित किया गया है। यह प्रणाली अत्याधुनिक सेंसर और एआई तकनीक की सहायता से पाइपलाइन में होने वाले जंग (Corrosion), रिसाव (Leakage), दबाव में असामान्यता (Pressure Anomalies) तथा संभावित तकनीकी खराबियों के शुरुआती संकेतों का पता लगाकर समय रहते चेतावनी देती है। इससे दुर्घटनाओं और पर्यावरणीय नुकसान की संभावना कम होगी, पाइपलाइन सुरक्षा बढ़ेगी और रखरखाव की लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
महीप की यह उपलब्धि किसी एक दिन की सफलता नहीं, बल्कि 4 वर्षों की मेहनत, अध्ययन और निरंतर प्रयोगों का परिणाम है। उन्होंने कम उम्र में ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), सेंसर तकनीक और आधुनिक इंजीनियरिंग का अध्ययन शुरू किया तथा उद्योगों की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर कार्य किया। अनेक चुनौतियों और असफलताओं के बावजूद उन्होंने अपने प्रयास जारी रखे, जिसका परिणाम आज पेटेंट के रूप में सामने आया है।
महीप ने कहा कि 15 वर्ष की आयु में उन्होंने केवल एक सपना देखा था कि ऐसी तकनीक विकसित करें जो समाज और उद्योगों की वास्तविक समस्याओं का समाधान कर सके। पेटेंट मिलना उनके लिए गर्व का विषय है, लेकिन वे इसे अपनी मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत मानते हैं। उनका लक्ष्य ऐसी और तकनीकों का विकास करना है, जो देश और दुनिया के लिए उपयोगी साबित हों। उन्होंने युवाओं से भी अपनी उम्र नहीं, बल्कि अपने विचारों और क्षमता पर विश्वास रखने का आह्वान किया।
