
तम्बाकू नियंत्रण में राजस्थान को वैश्विक स्तर पर मिला प्रथम सम्मान: बीकानेर स्वास्थ्य विभाग में हर्ष की लहर, अधिकारियों ने दी बधाई

बीकानेर, 20 मई। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 2026 के ‘विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पुरस्कार’ के तहत राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य के लिए विश्व स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया है। दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में राजस्थान को यह प्रतिष्ठित सम्मान विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 2025-26 में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के आधार पर दिया गया है।
इस ऐतिहासिक वैश्विक उपलब्धि पर सीएमएचओ डॉ पुखराज साध ने जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ को बधाई प्रेषित की। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमएचओ स्वास्थ्य डॉ. लोकेश गुप्ता, राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला प्रकोष्ठ सलाहकार रवींद्र सिंह शेखावत, जिला कार्यक्रम समन्वयक मालकोश आचार्य और सामाजिक कार्यकर्ता कमल कुमार पुरोहित ने प्रसन्नता व्यक्त की। अधिकारियों ने बताया कि इस सफलता में बीकानेर जिले का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जहां ‘हेल्दी बीकानेर’ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को तम्बाकू से दूर रहने के लिए निरंतर प्रेरित किया गया और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सघन सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियां आयोजित की गईं।
सरकार की जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य सरकार की जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता, प्रभावी नीतियों तथा तम्बाकू मुक्त राजस्थान के संकल्प का परिणाम है। राज्य सरकार आमजन विशेषकर युवाओं को तम्बाकू के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। यह सम्मान चिकित्सा विभाग, जिला प्रशासन, चिकित्सा कर्मियों एवं सामाजिक संगठनों के सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है।
राजस्थान बना तम्बाकू मुक्ति का मॉडल: चिकित्सा मंत्री
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि राजस्थान ने तम्बाकू नियंत्रण के क्षेत्र में देशभर में एक मॉडल स्थापित किया है। राज्य में ब्लॉक स्तर तक 500 से अधिक तम्बाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराया गया है ताकि जरूरतमंद व्यक्ति निकटतम केंद्र तक आसानी से पहुंच सके। साथ ही, कोटपा अधिनियम के तहत प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की गई है।
