

बीकानेर, 7 सितंबर 2026। राजस्थान में चाय पत्ती के व्यापार पर 0.50 प्रतिशत कृषक कल्याण फीस की वसूली तथा कृषि उपज मंडी समितियों द्वारा व्यापारियों से पूर्व अवधि का रिकॉर्ड एवं शुल्क मांगे जाने के विरोध में बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल द्वारा आज जिला कलेक्टर, बीकानेर एवं सचिव, कृषि उपज मंडी समिति को ज्ञापन सौंपकर तत्काल वसूली स्थगित करने एवं इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष जुगल राठी ने बताया कि चाय राजस्थान की स्थानीय कृषि उपज नहीं है। बीकानेर सहित राजस्थान में चाय का व्यापार मुख्यतः असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु आदि राज्यों से प्राप्त प्रसंस्कृत चाय की खरीद एवं वितरण पर आधारित है। चाय उद्योग के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर Tea Act, 1953 एवं Tea Board की वैधानिक व्यवस्था भी लागू है। ऐसे में चाय को सामान्य कृषि उपज की तरह मंडी शुल्क अथवा कृषक कल्याण फीस के दायरे में रखने की मांग है ।
व्यापार मंडल के सचिव संजय जैन सांड ने बीकानेर मंडी समिति द्वारा 01 अगस्त 2024 से पूर्व की अवधि का रिकॉर्ड एवं शुल्क संबंधी विवरण मांगे जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व अवधि में खरीदे गए स्टॉक पर शुल्क की मांग को लेकर व्यापारियों में गंभीर असमंजस एवं चिंता की स्थिति है। शुल्क की प्रभावी तिथि एवं संबंधित प्रावधान स्पष्ट किए जाना आवश्यक है। जब तक इस संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक व्यापारियों के विरुद्ध वसूली, ब्याज अथवा पेनल्टी की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
व्यापार मंडल की प्रमुख मांगें
– चाय पत्ती पर 0.50 प्रतिशत कृषक कल्याण फीस की वसूली तत्काल स्थगित की जाए।
– बीकानेर मंडी समिति द्वारा जारी नोटिसों पर अंतिम निर्णय होने तक वसूली, ब्याज एवं पेनल्टी की कार्रवाई स्थगित रखी जाए।
– चाय को मंडी शुल्क/कृषक कल्याण फीस के दायरे में रखने की वैधानिक एवं व्यावहारिक समीक्षा की जाए।
– चाय व्यापारियों एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बैठक आयोजित कर स्पष्ट एवं समान दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
– सरकार चाय पत्ती पर लगाए गए 0.50 प्रतिशत कृषक कल्याण फीस को समाप्त करने पर सकारात्मक निर्णय ले।
व्यापार मंडल ने इस विषय में राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय, माननीय कृषि मंत्री, प्रमुख शासन सचिव, निदेशक कृषि विपणन विभाग तथा माननीय केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री को भी पत्र भेजकर चाय व्यापारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों एवं शुल्क की वैधानिक स्थिति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
बीकानेर चाय विक्रेता संघ के अध्यक्ष तोलाराम जी चांडक ने कहा कि चाय व्यापार से जुड़े छोटे एवं मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त शुल्क का आर्थिक भार पड़ने के साथ-साथ पूर्व अवधि की मांग से व्यापारियों के सामने अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो रही है। अतः अंतिम निर्णय होने तक किसी भी प्रकार की वसूली अथवा दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
इस अवसर पर बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के सचिव श्री संजय जैन सांड, बीकानेर चाय विक्रेता संघ के अध्यक्ष श्री तोलाराम जी चांडक, ओमप्रकाश राठी, हरिकिशन सारड़ा, नेमीचंद शर्मा, दिनेश चांडक, शंभू जी बागड़ी, विमल कोचर, ब्रिजरतन राठी, शेखर पेड़ीवाल सहित चाय व्यापार से जुड़े अन्य प्रतिनिधि एवं व्यापारी उपस्थित रहे।
