ऐतिहासिक धरोहर पर संकट: सूखते कोड़मदेसर तालाब ने छीनी पशु-पक्षियों की जिंदगी

बीकानेर राजस्थान
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कोड़मदेसर तालाब की त्रासदी: प्यास से तड़प रहे पशु-पक्षी, प्रशासनिक उपेक्षा पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

बीकानेर,29 अप्रैल। जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित ऐतिहासिक कोड़मदेसर गांव का प्रसिद्ध तालाब आज गंभीर जल संकट और प्रशासनिक अनदेखी के कारण बदहाली की भयावह तस्वीर पेश कर रहा है। कभी क्षेत्र की जीवनरेखा रहा यह ऐतिहासिक तालाब अब पशुधन और वन्य जीवों के लिए मौत का कारण बनता जा रहा है। पानी की भारी कमी के चलते गाय, बकरी, भेड़, ऊंट सहित अनेक पशु-पक्षी और वन्य जीव प्यास से दम तोड़ रहे हैं।

ग्रामीणों में इस भयावह स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता के कारण तालाब की दुर्दशा लगातार बढ़ती गई। कोड़मदेसर भैरुजी मंदिर कार्यालय संचालक रामेश्वर गहलोत पुजारी के अनुसार प्रतिदिन मोर, कबूतर, लोमड़ी सहित अनेक जीव-जंतु पानी के अभाव में अपनी जान गंवा रहे हैं।

इस संकट की घड़ी में गांव के पुजारी वर्ग और जागरूक ग्रामीणों ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए स्वयं के प्रयासों से ट्रकों द्वारा तालाब में पानी डलवाना शुरू किया, ताकि बेजुबान पशु-पक्षियों की जिंदगी बचाई जा सके। श्री भैरूनाथ पुजारी वर्ग और जेठमल गहलोत के इस प्रयास की ग्रामीणों ने सराहना की है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से तालाब की न तो समुचित खुदाई करवाई गई और न ही आवश्यक मरम्मत। इसके चलते तालाब जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। आरोप है कि तालाब क्षेत्र, घाट, मेला मैदान और आसपास की आबादी भूमि पर भूमाफियाओं ने अवैध कब्जे कर लिए हैं। इतना ही नहीं, रसूखदार लोगों की मिलीभगत से आम रास्ते तक बंद कर दिए गए, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों और पुजारियों ने बीकानेर सांसद एवं कोलायत विधायक से मांग की है कि वे तत्काल हस्तक्षेप कर अवैध कब्जे हटवाएं, बंद रास्ते खुलवाएं और कोड़मदेसर तालाब के संरक्षण व विकास के लिए विशेष बजट उपलब्ध करवाएं।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में कोड़मदेसर तालाब का अस्तित्व ही समाप्त हो सकता है। यह केवल एक तालाब नहीं, बल्कि बीकानेर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान है, जिसे बचाना अब बेहद जरूरी हो गया है।