लाडो को घोड़ी पर बैठाकर बैंड—बाजे के साथ निकाली बनोरी,
समाज में बेटा,बेटी एक समानता का दिया संदेश सीकर। समाज के बदलते परिवेश और शिक्षा से आई जागरूकता के कारण अब रूढ़िवादी परम्पराएं धीरे—धीरे समाप्त होने लगी है। जहां पहले बेटियों को समाज में बोझ समझा जाता था वहीं अब शिक्षा व जाग्रति से जनता की सोच में बदलाव आना शुरू हो गया है। […]
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