मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के चौथे दिन निकली जन-जागरूकता रैली, नशामुक्त और मानसिक रूप से स्वस्थ समाज का दिया संदेश

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बीकानेर, 7 अक्टूबर । मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने, नशे से बचाव का संदेश देने तथा मानसिक रोगों को लेकर व्याप्त भ्रांतियों और सामाजिक कलंक को दूर करने के उद्देश्य से पीबीएम अस्पताल के मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग तथा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम इकाई, बीकानेर की ओर से मानसिक स्वास्थ्य माह एवं विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के चौथे दिन बुधवार को विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया।

 

इस दौरान मेडिकल एवं नर्सिंग विद्यार्थियों की सहभागिता से विशाल जन-जागरूकता पैदल रैली निकाली गई। रैली का नेतृत्व मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. श्री गोपाल गोयल तथा मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं जिला नोडल अधिकारी डीएमएचपी डॉ. हरफूल सिंह ने किया।

 

मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग से शुरू हुई रैली पीबीएम अस्पताल परिसर से होते हुए मेडिकल चौराहा पहुंची। हाथों में जागरूकता संदेश लिए मेडिकल और नर्सिंग विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, नशे से दूर रहने तथा मानसिक समस्याओं के लक्षण दिखाई देने पर समय रहते विशेषज्ञ परामर्श और उपचार लेने का संदेश दिया।

 

रैली के माध्यम से यह संदेश भी प्रमुखता से दिया गया कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज का निर्माण आवश्यक है। मानसिक रूप से स्वस्थ नागरिक ही व्यक्तिगत, सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर राष्ट्र के विकास में प्रभावी योगदान दे सकते हैं।

 

इस दौरान विभाग की ओर से सहायक आचार्य डॉ. एम.डी. स्वामी, सीनियर रेजिडेंट डॉ. मांगीलाल, नर्सिंग सुपरवाइजर प्रेम कुमार, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर रविंद्र सक्सेना एवं लालचंद, सामाजिक कार्यकर्ता रविंद्र भाटी सहित विभाग के अन्य चिकित्सक, नर्सिंगकर्मी एवं स्टाफ मौजूद रहे।

 

मेडिकल चौराहा पहुंचने के बाद रैली पुनः मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग लौटी, जहां इसका समापन किया गया।

 

कोचिंग संस्थान में पोस्टर विमोचन, युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

 

मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत दूसरी गतिविधि के रूप में एक कोचिंग संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति से संबंधित जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया गया। विनोद पंचारिया एवं राजी राम जी द्वारा पोस्टर विमोचन के माध्यम से विद्यार्थियों और आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।

 

पोस्टर के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक समस्याओं के शुरुआती लक्षण पहचानने, तनाव एवं अन्य मानसिक समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करने, आवश्यकता पड़ने पर समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने तथा नशीले पदार्थों से दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

 

मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना महत्वपूर्ण: डॉ. श्री गोपाल गोयल

 

विभागाध्यक्ष डॉ. श्री गोपाल गोयल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य का अभिन्न हिस्सा है। मानसिक रोगों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना बेहद आवश्यक है। समय पर मानसिक समस्या की पहचान कर उचित उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाए तो संबंधित व्यक्ति को बेहतर और सामान्य जीवन जीने में मदद मिल सकती है।

 

उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर संवाद करने की आवश्यकता है। मानसिक बीमारी को कमजोरी या सामाजिक कलंक के रूप में देखने के बजाय इसे अन्य बीमारियों की तरह उपचार योग्य स्वास्थ्य समस्या के रूप में समझना चाहिए।

 

नशामुक्त समाज से ही मजबूत होगा विकसित भारत का संकल्प

 

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें नशे की प्रवृत्ति से बचाना आज की बड़ी आवश्यकता है। स्वस्थ मन, सकारात्मक सोच और नशामुक्त जीवनशैली से ही एक सक्षम और उत्पादक समाज का निर्माण संभव है। इसी सोच के साथ मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के दौरान विभिन्न वर्गों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा रहा है।