

बीकानेर, 4 अगस्त। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) ने अपने पांचवें चरण के तहत लगभग 9,500 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत प्रदेश के 84 शहरों में जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्ध नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की जानकारी देना तथा स्थानीय स्तर पर सुझाव और फीडबैक प्राप्त करना है।
5 अगस्त से 11 अगस्त तक आयोजित होने वाले इन संवाद कार्यक्रमों में शहरी विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। सरकार का लक्ष्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए शहरों को अधिक स्मार्ट, टिकाऊ (सस्टेनेबल) और नागरिक सुविधाओं से युक्त बनाना है।
परियोजना के अंतर्गत अपशिष्ट जल प्रबंधन, ठोस कचरा प्रबंधन, शहरी यातायात सुधार, बाढ़ एवं ड्रेनेज प्रबंधन, विरासत संरक्षण, पर्यटन विकास तथा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसी महत्वपूर्ण आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे प्रदेश के 84 नगरीय निकायों के लाखों नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
आरयूआईडीपी के पांचवें चरण में एशियन डेवलपमेंट बैंक तथा विश्व बैंक का वित्तीय सहयोग प्राप्त होगा। एडीबी की सहायता से संचालित परियोजना की अनुमानित लागत 6009 करोड़ रुपये, जबकि विश्व बैंक समर्थित परियोजना की लागत 3492 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य आधुनिक शहरी अवसंरचना विकसित करने के साथ-साथ विकसित भारत-2047 एवं विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्यों को गति देना है।
परियोजना के तहत 67 शहरों में अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं पुनः उपयोग पर 4047 करोड़ रूपये, 32 शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर 650 करोड़ रुपये, सात जिला मुख्यालयों में शहरी यातायात सुधार पर 2022 करोड़ रुपये, 56 शहरों में बाढ़ एवं ड्रेनेज प्रबंधन 500 करोड़ रुपये तथा विरासत संरक्षण एवं पर्यटन संबंधी 56 विकास कार्य पर 701 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इन योजनाओं के माध्यम से शहरों में जीवन स्तर सुधारने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर रहेगा।
