बीकानेर का हीरेश्वर महादेव मंदिर अपनी कुछ दुर्लभ विशेषताओं से प्रसिद्ध की होर

बीकानेर राजस्थान
Spread the love
https://https://anushasitvani.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-30-at-2.27.10-PM-1.jpeghttps://anushasitvani.com/wp-content/uploads/2024/06/20240619_101620.png

अनुशासित वाणी न्यूज़ प्रधान संपादक जयसिंह चौहान की खास रिपोर्ट

अनुशासित वाणी न्यूज़। बीकानेर 3, अगस्त सोमवार। पुगल रोड स्थित सब्जी मंडी के पास हीरेश्वर महादेव मंदिर जो अपनी कला संस्कृति में अनुपम वैभवता का साक्षात परिचय दे रहा है इस मंदिर की स्थापना हीरालाल जी के द्वारा की गई जिसके कारण इसका नाम हीरेश्वर महादेव मंदिर के नाम से विख्यात हुआ। इस मंदिर की स्थापना ओर निर्माण कार्य 1998 से स्टार्ट हो कर के 2015 में संपूर्ण हुवा, उस समय से इस वैभवशाली महादेव मंदिर में पूजा अर्चना का कार्य प्रारंभ है। अभी वर्तमान समय में 15 /16 वर्षों से इस भगवान महादेव के मन्दिर मे पूजा अर्चना का कार्य विधि विधान पूर्ण सुचारू रूप से पंडित बंसी लाल जी व्यास के कर कमलों द्वारा संपादित किया जा रहा है ।

इस हीरेश्वर महादेव मंदिर में असंख्या भक्त लोग अपनी श्रद्धा भक्ति के अनुसार प्रत्येक दिन आते हैं और सावन माह चालू होते ही शहर के अन्य दुर्लभ मंदिरों के भांति इस महादेव मंदिर में भी महादेव की दुर्लभ पोशाकों के श्चगार दर्शन लाभ होते हैं।

  1. इस मंदिर कि एक विशेषता और भी जिससे इस महादेव मन्दिर को शहर के अन्य मंदिरों से एक अलग पहचान दिलाती है वह विशेषता यह है कि इस मंदिर में पूजा अर्चना करने वाले भक्तों से किसी भी प्रकार का कोई दान चंदा वगैरा नहीं लिया जाता जो कि इस मंदिर की वैभवशाली मार्बल की दीवारों पर स्पष्ट शब्दों में लिखा हुआ दृष्टिगोचर होता है,। (किसी भी प्रकार का रूपयो का दान, चन्दा वगैरा स्वीकार नहीं किया जाएगा) जो कि अपने आप में एक अनुपम उदाहरण है ।क्योंकि इस मंदिर की स्थापना करने वाले परिवार के लोगों की मान्यता है कि हम किसी भी श्रद्धालुओं से कोई भी दक्षिण स्वीकार नहीं करेगे इस मंदिर की स्थापना करने वाले परिवार की तरफ से यहां के पुजारी वगैरा कर्मचारी मंदिर कि देखभाल करने वालो या मंदिर की रखरखाव का संपूर्ण खर्च हीरालाल जी के परिवार के द्वारा मंदिर की स्थापना से लेकर अब तक व्यवस्था की जा रही है ‍। प्रत्येक सोमवार सोमवार महादेव जी की पुजा अर्चना प्रारम्भ है जिसमें महादेव कि अलग-अलग पोसाक होती है। और सावन के तीसरे सोमवार को बाबा बरसानी का सिंगर होता है।जो एकदम फिक्स है ।उस के अलावा हर एक प्रतिमा अलग-अलग बनती है । एक बार हम पुनः यहां पर यह बता दें इस महादेव के मंदिर का नाम हीरालाल जी के नाम के साथ जोड़ कर के लीखा गया है। जिसके परिणाम स्वरूप यह मंदिर बीकानेर के पुगल रोड स्थित सब्जी मंडी के पास हीरेश्वर महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है