चिकित्सा मंत्री का बयान महिला की गरिमा का घोर अपमान, मंत्री तुरंत इस्तीफा दें: ऐडवा

बीकानेर राजस्थान
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बीकानेर, 12 जून। प्रेस बयान जारी करते हुए अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव डॉ सीमा जैन ने बताया कि बीकानेर के संभाग स्तरीय सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल के प्रसूति (गायनी) विभाग में डिलीवरी के बाद इंफेक्शन या दवाओं की गड़बड़ी के कारण प्रसूताओं की किडनी फेल होना सीधे-सीधे आपराधिक लापरवाही का मामला है।कई प्रसूताओं की किडनी फेल होने का अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आने और प्रकरण में अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर होने के बाद भी, प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा छानबीन के नाम पर महिलाओं को लेकर दिए गए अत्यंत आपत्तिजनक और संवेदनहीन बयान ने आग में घी का काम किया है।

​मंत्री खींवसर द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर “महिलाएं पैदल चलकर आती हैं या नाचते हुए आती हैं…” जैसी अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी करने के विरोध में आज अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के बैनर तले महिलाओं ने पीबीएम अस्पताल के प्रसूति विभाग के समक्ष चिकित्सा मंत्री का पुतला दहन कर अपना तीव्र आक्रोश दर्ज कराया।

​जनवादी महिला समिति की कार्यकर्ता पीबीएम अस्पताल के प्रसूति विभाग के सामने एकत्रित होकर पुतला फूंकने के दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने तीखी नारेबाजी शुरू कर दी। पूरा परिसर “चिकित्सा मंत्री शर्म करो-शर्म करो, इस्तीफा दो!”, “प्रसूताओं की जिंदगी से खिलवाड़ बंद करो!”, “महिलाओं का अपमान करना बंद करो!” और “संवेदनहीन सरकार मुर्दाबाद!” इसके बाद आक्रोशित महिलाओं ने चिकित्सा मंत्री का पुतला आग के हवाले कर दिया।

​ऐसे गंभीर समय में जब चिकित्सा मंत्री को खुद बीकानेर आकर पीड़ितों की सुध लेनी चाहिए थी, इसके उलट वे जांच के नाम पर यह कह रहे हैं कि “महिलाएं पैदल आती हैं या नाचते हुए…”। यह बयान न सिर्फ उनके पद की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि यह पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा और पूरी नारी शक्ति का घोर अपमान है।

प्रदर्शन में डॉ उपाध्यक्ष डॉ दुर्गा चौधरी,रमजानी, बिंदु जैन जिला सचिव फरजाना,रहमत बानो,रजिया बानो जुम्मी, कोषाध्यक्ष उर्मिला बिश्नोई सहित अन्य महिलाएं शामिल हुई।

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति मांग करती है कि

​पीबीएम अस्पताल के गायनी विभाग में हुए इस पूरे घटनाक्रम की किसी स्वतंत्र एजेंसी या रिटायर्ड जज की देखरेख में उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। जिन डॉक्टरों या दवा सप्लायरों की लापरवाही के कारण प्रसूताओं के अंग खराब हुए हैं, उन पर सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज हो और पीड़ित प्रसूताओं को सरकार तुरंत उचित आर्थिक मुआवजा व मुफ्त इलाज की गारंटी दे।

​अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने साफ शब्दों में सरकार और स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दी है कि यह प्रदर्शन महज एक शुरुआत है। अगर चिकित्सा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया, दोषियों को बचाया गया या पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो संगठन आने वाले दिनों में पूरे बीकानेर संभाग सहित राज्य स्तर पर सड़कों पर उतरकर एक बड़ा और उग्र जन-आंदोलन खड़ा करने के लिए मजबूर होगा।