
बीकानेर, 28 अप्रैल।राजस्थान सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय (निरीक्षण) विभाग के निर्देश पर मंगलवार सुबह बीकानेर जिले के उपखंड कोलायत में विभिन्न सरकारी कार्यालयों का राज्य स्तरीय आकस्मिक निरीक्षण किया गया। शासन उप सचिव एवं अतिरिक्त निदेशक (निरीक्षण) सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में गठित निरीक्षण दल ने प्रातः 9:50 बजे अचानक पहुंचकर 20 सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली की जांच की, जहां भारी स्तर पर अनुपस्थिति और प्रशासनिक लापरवाही सामने आई।
निरीक्षण दल में सहायक शासन सचिव राम स्वरूप विश्नोई, अनुभाग अधिकारी श्री महेन्द्र कुमार सरावता, सहायक अनुभाग अधिकारी चेना राम भदाला, लिपिक ग्रेड-द्वितीय वीर सिंह तथा तरुण कुमार मीणा शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। राजपत्रित अधिकारियों के कुल 22 पदों में से 9 अधिकारी अनुपस्थित पाए गए, जो लगभग 40.90 प्रतिशत है। वहीं अराजपत्रित कर्मचारियों के 137 पदों में से 70 कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जो 51.09 प्रतिशत की गंभीर अनुपस्थिति दर्शाता है।
जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यालयों की स्थिति और भी चिंताजनक रही। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के सहायक अभियंता कार्यालय के मुख्य द्वार सहित सभी कक्ष बंद मिले, जिससे उपस्थिति पंजिका का सत्यापन तक नहीं हो सका। अधिशासी अभियंता कार्यालय के सभी कक्षों पर भी ताले लटके मिले। जोधपुर डिस्कॉम के सहायक अभियंता कार्यालय के दो कक्ष बंद पाए गए। इतना ही नहीं, राजकीय कन्या महाविद्यालय, कोलायत का मुख्य द्वार भी सुबह 10:25 बजे तक बंद मिला।
निरीक्षण दल ने इस स्थिति को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजने की बात कही है।
यह निरीक्षण कोलायत क्षेत्र में सरकारी कार्यप्रणाली की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है और स्पष्ट संकेत देता है कि राज्य सरकार प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर अब सख्त रुख अपना रही है।
