देशभक्ति, वैज्ञानिक सोच और नैतिक मूल्यों के प्रतीक थे डॉ. एच.पी. व्यास : श्री अर्जुन राम मेघवाल*

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*डॉ. एच.पी. व्यास की जन्म जयंती पर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण, वक्ताओं ने साझा किए प्रेरणादायी संस्मरण*

 

बीकानेर, 7 नवम्बर। डॉ. एच.पी. व्यास की जन्मजयंती के अवसर पर शनिवार को आयोजित स्मृति समारोह में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. व्यास के वैज्ञानिक योगदान, राष्ट्रप्रेम, कार्यशैली, नैतिक मूल्यों एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

मुख्य अतिथि श्री अर्जुन राम मेघवाल ने डॉ. व्यास के व्यक्तित्व को सत्यनिष्ठा, ईमानदारी और राष्ट्रसमर्पण का अद्भुत उदाहरण बताया। उन्होंने उनके जीवन से जुड़ा प्रसंग साझा करते हुए बताया कि देश के प्रति समर्पण के कारण उन्होंने विदेश में लगभग एक करोड़ रुपये के वेतन के अवसर को छोड़कर भारत लौटना स्वीकार किया और अपेक्षाकृत कम वेतन पर देश की सेवा को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि डॉ. व्यास सत्य और नैतिकता के पक्षधर थे तथा योग्य एवं ईमानदार व्यक्तियों को अवसर देने में विश्वास रखते थे। उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गणेश सियाग ने किया। उन्होंने डॉ. व्यास की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक यात्रा, विभिन्न पदों पर उनके योगदान और लर्निंग बाय डूइंग की कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन के प्रेरणादायी पहलुओं को प्रस्तुत किया।

 

इसके पश्चात श्री अक्षय व्यास ने डॉ. व्यास के साथ बिताए आत्मीय क्षणों और अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि उनका जीवन, कार्यशैली और वैज्ञानिक दृष्टिकोण सदैव प्रेरणा देते रहेंगे। उनके निवास की वैज्ञानिक सोच पर आधारित संरचना का उल्लेख करते हुए उन्होंने उसे केवल घर नहीं, बल्कि एक मंदिर के समान बताया।

 

ऑनलाइन जुड़े विशिष्ट अतिथि डॉ. संजय मोगे, सह-संस्थापक एवं सीटीओ ऑफ आर एफ सॉल्यूशंस तथा डॉ. एच.पी. व्यास के पीएचडी के सहयात्री ने उनके साथ बिताए शोधकाल के संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी डॉ. व्यास कभी विचलित नहीं होते थे। वे सदैव धैर्य और आत्मविश्वास के साथ कहते थे कि हम यह कार्य अवश्य कर लेंगे। सेमीकंडक्टर चिप निर्माण के दौरान आई चुनौतियों के बीच भी उनका भारत के प्रति समर्पण अटूट था।

 

प्रो. राजेश रतन, अभियंत्रिकी महाविद्यालय के प्रोफेसर ने डॉ. व्यास के साथ कार्य करने के अनुभव साझा करते हुए सेमीकंडक्टर तकनीक के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि नाखून के आकार से भी छोटी चिप आज आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने डॉ. व्यास के वैज्ञानिक योगदान और तकनीकी दृष्टि की सराहना की।

 

विद्या निकेतन के पूर्व प्राचार्य श्री सुरजाराम ने युवा पीढ़ी से डॉ. व्यास के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य निर्धारित करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। श्री गुमान सिंह ने उन्हें बहुआयामी एवं विलक्षण व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा और क्षमताओं का व्यापक उपयोग होना चाहिए था।

 

डॉ. नीलम जैन ने कहा कि आज का अवसर केवल जन्मदिन मनाने का नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तित्व के विचारों, कार्यों और जीवन मूल्यों का स्मरण करने का है, जिन्होंने अपने व्यवहार और कर्मों से दूसरों के हृदय में स्थान बनाया। उन्होंने डॉ. व्यास को दूरदर्शी, कर्मयोगी, कुशल नेतृत्वकर्ता एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति का व्यक्तित्व बताते हुए उनके साथ कार्य करने के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी उपलब्धि यह होती है कि उसके विचारों और कार्यों को आने वाली पीढ़ियां किस सीमा तक आगे बढ़ाती हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल को भी प्रेरणा का स्रोत बताते हुए उनके सादगीपूर्ण एवं राष्ट्रहित के प्रति समर्पित व्यक्तित्व का उल्लेख किया।

 

डूंगर कॉलेज के प्राणीशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. प्रताप सिंह ने डॉ. व्यास की वैज्ञानिक सोच, तार्किक दृष्टिकोण एवं वैज्ञानिक अभिरुचि की सराहना करते हुए कहा कि समाज और युवा पीढ़ी को ऐसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण वाले व्यक्तित्वों से सदैव प्रेरणा मिलती रहेगी।

 

कार्यक्रम का संचालन अक्षय आचार्य ने किया। अंत में रवि कुमार अग्रवाल ने आभार व्यक्त करते हुए डॉ. व्यास के साथ अपने आत्मीय संबंधों और अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि डॉ. व्यास आयु के अंतर को कभी संबंधों के बीच नहीं आने देते थे। वे प्रत्येक व्यक्ति को सहजता से अपना बना लेते थे और सभी के साथ मित्रवत व्यवहार करते थे।

 

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्यजनों, वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं अन्य सदस्यों ने डॉ. एच.पी. व्यास के प्रति अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की।