

बीकानेर, 3 नवंबर। जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के दूसरे दिन मंगलवार को राजकीय डूंगर महाविद्यालय में व्याख्यानमाला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर युवा संसद कार्यक्रम में केंद्रीय कानून एवं न्याय तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने जनजातीय गौरव दिवस के पोस्टर का विमोचन किया तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री मेघवाल ने कहा कि भारत की जनजातीय संस्कृति, परंपराएं और विरासत देश की सांस्कृतिक विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जनजातीय समाज ने देश की आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। भगवान बिरसा मुंडा सहित अनेक जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष कर देश की स्वतंत्रता की नींव मजबूत की। उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस जैसे आयोजन युवाओं को देश के इतिहास, जनजातीय नायकों के योगदान और उनकी सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम हैं। विद्यार्थियों को ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने इतिहास और विरासत के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार पुरोहित ने विद्यार्थियों को जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं एवं विरासत से रू-ब-रू होने के लिए ऐसे कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. सत्यनारायण जाटोलिया ने प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों से जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, प्रमुख जनजातीय नायकों और उनके संघर्ष से संबंधित प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नों के उत्तर दिए और अपनी जानकारी एवं रुचि का परिचय दिया।
सह-संयोजक डॉ. शशि बेसरवारिया ने
कार्यक्रम का संचालन किया। इस दौरान एनएसएस, एनसीसी एवं स्काउट के विद्यार्थी तथा महाविद्यालय के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
