MGSU की विद्या परिषद् के बड़े फैसले: संबद्धता शुल्क और शोध शुल्क का पुनर्निर्धारण

बीकानेर राजस्थान
Spread the love
https://https://anushasitvani.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-30-at-2.27.10-PM-1.jpeghttps://anushasitvani.com/wp-content/uploads/2024/06/20240619_101620.png

महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय की विद्या परिषद् द्वारा लिये गए महत्वपूर्ण निर्णय 

 

बीकानेर, 26 अक्टूबर 2026।महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय की विद्या परिषद् की विशेष बैठक  कुलगुरु प्रो. नरसी राम बिश्नोई की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सम्बद्धता शुल्क महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के समान एवं शोध शुल्क का पुनर्निधारण किया गया।

सदस्य सचिव यशपाल आहूजा ने बताया कि विद्या परिषद् ने सम्बद्ध महाविद्यालयों को एंडोमेंट फण्ड की एफ.डी.आर.राशि रु.5.00 लाख (कुलसचिव एवं महाविद्यालय के संयुक्त नाम से) न्यूनतम 05 वर्ष की अवधि हेतु बनाने का निर्णय लिया गया। साथ ही विद्या परिषद् द्वारा यह भी निर्णय लिया कि सम्बद्ध महाविद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में निर्धारित सम्बद्धता शर्तो की पालना दो माह की अवधि में पूर्ण की जाती है तो ऐसे महाविद्यालयों (न्यायिक प्रकरणों के अतिरिक्त) की शैक्षणिक सत्र 2025-26 तक की सम्बद्धता अभिवृृद्धि का निस्तारण किया जाए। विद्या परिषद् द्वारा सख्त निर्णय लिया कि उक्त अवधि में महाविद्यालय द्वारा सम्बद्धता शर्तो की पूर्ति नही की जाती है तो महाविद्यालयों को अंतिम नोटिस जारी किया जाए तथा आगामी सत्र से सम्बद्धता के संबंध में प्रकरण पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए।

मीडिया प्रभारी डाॅ. उमेश शर्मा के अनुसार विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर, एडजंक्ट प्रोफेसर, मानद प्रोफेसर एवं प्रोफेसर आॅफ प्रैक्टिस की अस्थायी नियुक्ति हेतु तैयार नीति एवं दिशा-निर्देश-2026 का विद्या परिषद् द्वारा अनुशंसित किया गया। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में सेमेस्टर प्रणाली अनुसार परीक्षा प्रणाली में आवश्यक संशोधन यथा परीक्षा की समयावधि तथा प्रश्न पत्र प्रणाली, अंतिम वर्ष सेमेस्टर में शेष रहे प्र्रश्न पत्रों की पूरक परीक्षा का आयोजन एवं स्वयंपाठी विद्यार्थियों से ली जाने वाली महाविद्यालय प्रायोगिक शुल्क के उपयोग संबंध दिशा-निर्देशों में संशोधन और उन्हें तर्कसंगत बनाने के लिए समिति गठित करने एवं समिति द्वारा प्रस्तुत अनुशंसा पर निर्णय लेने हेतु कुलगुरु महोदय को अधिकृत किया गया।

 बैठक में समस्त संकायाध्यक्ष सहित माननीय राज्यपाल महोदय के नामित सदस्य प्रो. नारायण हेडा, राज्य सरकार द्वारा नामित सदस्य प्रो. अभिलाषा आल्हा, प्रो. श्याम लाल सहित विषयों के संयोजक उपस्थित रहे।