

राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार नायक ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, कार्रवाई का दिया आश्वासन
अनुशासित वाणी न्यूज़, बीकानेर। में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुई डाली नायक और उसके परिवार को करीब लगभग डेढ़ साल के बाद भी न्याय एवं सरकारी सहायता का इंतजार है। पीड़ित परिवार के अनुसार, रात के समय सामने से आए ट्रक की टक्कर से हादसा हुआ, जिसमें डाली का पैर कट गया और हाथ में भी चोट आई। परिवार का आरोप है कि पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक गुहार लगाने के बावजूद अब तक उन्हें अपेक्षित कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे आयोग अध्यक्ष
घटना की जानकारी मिलने पर राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार नायक पीड़ित बच्ची डाली नायक और उसके परिवार से मिलने पहुंचे। उनके साथ युवा भाजपा नेता पुनीत जी ढाल सहित महेंद्र, संजय, गोविंद, मंगलाल, रामदेव और मनोज कुमारसहा नवाज पंवार जयराज तंवर भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने परिवार से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और बच्ची की स्थिति पर दुख व्यक्त किया।
अध्यक्ष राजेंद्र कुमार नायक ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी उसी दिन मिली। अन्य कार्यक्रम निर्धारित होने के बावजूद वे पहले पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस अधीक्षक, जिला कलेक्टर और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से बात कर मामले में आवश्यक कार्रवाई तथा सरकारी सहायता दिलाने का प्रयास करेंगे।
ट्रक चालक की गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल
पीड़ित परिवार का कहना है कि हादसे को करीब तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन कथित रूप से टक्कर मारने वाले ट्रक के चालक के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है। बातचीत के दौरान दुर्घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने की बात भी सामने आई।
इस मामले में आयोग अध्यक्ष से पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल किए गए। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और वे संबंधित अधिकारियों से बात कर कार्रवाई करवाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने डाली नायक को न्याय दिलाने और परिवार की हरसंभव सहायता करने का भरोसा दिलाया।
आर्थिक सहायता के लिए परिवार ने लगाई गुहार
पीड़ित परिवार ने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए सरकार से मदद की मांग की। परिवार के अनुसार, दुर्घटना के बाद बच्ची की जिंदगी प्रभावित हुई है और उपचार सहित अन्य जरूरतों को पूरा करना कठिन हो रहा है। परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन के हस्तक्षेप से उन्हें उचित सहायता मिल सकेगी।
आयोग अध्यक्ष के आश्वासन के बाद अब पीड़ित परिवार को पुलिस कार्रवाई और सरकारी सहायता का इंतजार
