

“जब बच्चों में सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल” का देंगे संदेश
बीकानेर, 9 जुलाई। विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में आगामी 11 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक जिले भर में विशेष जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा। इस वर्ष अभियान की मुख्य थीम “जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल” के संदेश पर आधारित रखी गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने बताया कि अभियान का उद्देश्य योग्य दंपत्तियों को परिवार नियोजन, बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों के प्रति जागरूक करना है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राजस्थान सरकार की गाइडलाइन के अनुसार व्यापक जन जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएगी।
सास-बहू सम्मेलन और व्यक्तिगत परामर्श पर रहेगा जोर
डिप्टी सीएमएचओ (परिवार कल्याण) डॉ. योगेंद्र तनेजा ने अभियान की कार्ययोजना साझा करते हुए बताया कि आशा सहयोगिनियों तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर योग्य दंपति सर्वे किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ‘सास-बहू सम्मेलनों’ का आयोजन किया जाएगा, जिनमें गर्भधारण के बीच स्वस्थ अंतराल और आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों पर खुली चर्चा होगी। इसके साथ ही, विशेष स्वास्थ्य शिविरों में योग्य दंपत्तियों को परिवार नियोजन के लाभ समझाते हुए व्यक्तिगत परामर्श दिया जाएगा।
किशोर स्वास्थ्य और साधनों की उपलब्धता
डॉ. तनेजा ने बताया कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में किशोर गर्भधारण जैसे विषयों पर जागरूकता सत्र आयोजित होंगे, जबकि ड्रॉप-आउट (विद्यालय न जाने वाले) किशोरों को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। अभियान के दौरान सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आधुनिक गर्भनिरोधक साधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेंगे और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर योग्य दंपत्तियों को गर्भनिरोधक किट का वितरण भी किया जाएगा।
सुखी परिवार के मूल मंत्र
सुखी परिवार और बेहतर स्वास्थ्य के लिए आशा सहयोगिनियों तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा इन बिंदुओं पर जनजागरण किया जाएगा:
– विवाह की सही आयु लड़कियों के लिए 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष का पालन।
– विवाह के पश्चात पहले बच्चे के जन्म के लिए कम से कम 2 वर्ष का इंतजार।
– पहले और दूसरे बच्चे के जन्म के बीच कम से कम 3 साल का सुरक्षित अंतर।
– प्रसवोत्तर तथा गर्भ समापन पश्चात सुलभ परिवार कल्याण सेवाएं
– परिवार नियोजन की जिम्मेदारियों में पुरुषों की सक्रिय भागीदारी।
