

बीकानेर, 27 जून। सामाजिक लेखा परीक्षा, जवाबदेही एवं पारदर्शिता सोसायटी, जयपुर तथा राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, हैदराबाद के संयुक्त तत्वावधान एवं जिला परिषद के सहयोग से बीबी-जीरामजी योजना के तहत ब्लॉक संसाधन व्यक्तियों के सामाजिक अंकेक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन एवं क्षमता संवर्धन के लिए दो दिवसीय संभाग स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण शनिवार को हरिश्चन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान में सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर संभागीय नोडल अधिकारी एवं मुख्य प्रशिक्षक श्री नन्दलाल शर्मा, मुख्य प्रशिक्षक श्री सुखविंद्र सिंह (जिला परिषद श्रीगंगानगर) तथा प्रशिक्षक सहयोगी श्री मुकेश पुजारी (जिला परिषद हनुमानगढ़) ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुए प्रशिक्षण के विभिन्न तकनीकी एवं व्यवहारिक पक्षों पर विस्तृत चर्चा की।
द्वितीय दिवस के प्रशिक्षण में मुख्य प्रशिक्षक श्री नन्दलाल शर्मा द्वारा सामाजिक अंकेक्षण के नियमों, सामाजिक अंकेक्षण में नैतिकता, जोखिम प्रबंधन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के सिद्धांतों तथा ग्राम स्तर पर प्रभावी सामाजिक अंकेक्षण की व्यवहारिक कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही प्रतिभागियों को उत्तरदायित्वपूर्ण एवं निष्पक्ष सामाजिक अंकेक्षण की कार्यशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्य प्रशिक्षक श्री सुखविंद्र सिंह ने शिकायत निवारण प्रणाली, लोकपाल व्यवस्था, शिकायतों के पंजीकरण, जांच एवं समयबद्ध समाधान की प्रक्रिया सहित सामाजिक अंकेक्षण के दौरान अभिलेख परीक्षण एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
प्रशिक्षक सहयोगी श्री मुकेश पुजारी ने प्रशिक्षण गतिविधियों के सफल संचालन, समूह अभ्यास, सहभागितापूर्ण शिक्षण तथा तकनीकी सत्रों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए प्रतिभागियों का निरंतर मार्गदर्शन किया।
प्रशिक्षण के समापन दिवस पर प्रतिभागियों का पोस्ट-टेस्ट आयोजित कर प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं समझ का मूल्यांकन किया गया। इसके साथ ही विभिन्न सहभागितापूर्ण गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें विशेष रूप से “बैलून गतिविधि” ने प्रतिभागियों को यह प्रेरक संदेश दिया कि “जीत प्राप्त करने के लिए दूसरों को हराना आवश्यक नहीं, बल्कि सहयोग, समन्वय और सामूहिक सफलता ही वास्तविक उपलब्धि है।” इस गतिविधि ने प्रतिभागियों में टीम भावना, सकारात्मक सोच एवं सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।
दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान आयोजित सभी तकनीकी एवं व्यवहारिक सत्र निर्धारित कार्यक्रमानुसार सफलतापूर्वक संपन्न हुए। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं व्यवहारिक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षणों के नियमित आयोजन की आवश्यकता व्यक्त की।
यह प्रशिक्षण ब्लॉक स्तर पर कार्यरत संसाधन व्यक्तियों की क्षमता वृद्धि करते हुए वीबी-जीरामजी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक अंकेक्षण की गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही, जनसहभागिता एवं सुशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
