

बीकानेर, 8 जून। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में मंगलवार, 9 जून को जिले के सभी जिला चिकित्सालयों, उप जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्रथम रेफरल इकाइयों पर विशेष प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पुखराज साध ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार “10 ईयर्स ऑफ पीएमएसएमए” थीम के अंतर्गत यह विशेष आयोजन किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच, समय पर उपचार एवं उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं (एचआरपी) की पहचान और प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ भवानी शंकर गहलोत ने बताया कि विशेष शिविरों में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, आवश्यक रक्त एवं मूत्र परीक्षण, उच्च जोखिम गर्भावस्था की स्क्रीनिंग, चिकित्सकों द्वारा परामर्श तथा आवश्यकता अनुसार मां वाउचर के माध्यम से अल्ट्रासोनोग्राफी सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को फेरीक कार्बाॅक्सी माल्टोज (एफसीएम) इंजेक्शन की डोज मौके पर ही दी जाएगी।
अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। चिकित्सा संस्थानों पर सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) सामग्री का प्रदर्शन, सामुदायिक बैठकों, सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से सुरक्षित मातृत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान ने पिछले दस वर्षों में देशभर में 7.5 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं को प्रसवपूर्व देखभाल सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं तथा 1.2 करोड़ से अधिक उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान एवं प्रबंधन किया गया है।
