बूंद-बूंद का अनुशासन, जल संरक्षण का ‘वंदे गंगा’ अभियान का शुभारम्भ

बीकानेर राजस्थान
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जल ही कल : मुख्यमंत्री की मुहिम ने फिर जगाई जल संरक्षण की संस्कृति”

 

मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास रहे मौजूद, पर्यावरण संरक्षण की दिलाई शपथ

 

बीकानेर, 25 मई। मुख्यमंत्री  भजन लाल शर्मा की जल और पर्यावरण संरक्षण की अभिनव मुहिम के रूप में ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ सोमवार को शुरू हुआ। अभियान का शुभारम्भ समारोह आरएसी की दसवीं बटालियन परिसर में हुआ।

 

समारोह में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  सुमित गोदारा, बीकानेर पश्चिम विधायक  जेठानंद व्यास, मुख्य सचिव  वी. श्रीनिवास, प्रभारी सचिव  हेमंत गेरा, संभागीय आयुक्त  विश्राम मीणा, जिला कलक्टर  निशान्त जैन, राजीविका की मिशन निदेशक  प्रियंका गोस्वामी,  श्याम पंचारिया और  सुमन छाजेड़ सहित अन्य विशिष्टजन मौजूद रहे।

 

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  सुमित गोदारा ने कहा कि मरूस्थलीय क्षेत्र के लोग बूंद-बूंद पानी की कीमत समझते हैं। यहां जल संरक्षण और जल संग्रहण की पुरातन परम्परा रही है। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में इस परम्परा को पुनः प्रारम्भ किया गया है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को इस मुहिम से जुड़ना चाहिए।

 

मंत्री गोदारा ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से आमजन में पौधारोपण के प्रति जागरुकता आई है। मरूस्थलीय क्षेत्र में भी हरियाली बढ़ी है और औसत वर्षा में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि अभियान से जुड़े सभी विभाग पूर्ण गंभीरता से कार्य करें तथा पर्यावरण दिवस तक इस जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास हो।

 

बीकानेर पश्चिम विधायक  जेठानंद व्यास ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जल संरक्षण की पहल करनी चाहिए। पानी का कम से कम व्यय करें तथा बरसाती जल संरक्षण के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की पहल पर प्रारम्भ किया गया यह अभियान आमजन में जल संरक्षण के प्रति जागरुकता पैदा करेगा।

 

संभागीय आयुक्त  विश्राम मीणा ने जल संरचनाओं के संरक्षण का आह्वान किया और कहा कि जल के बिना कल की कल्पना नहीं की जा सकती। जिला कलक्टर  निशान्त जैन ने कहा कि गत वर्ष की भांति इस बार भी सभी विभागों के प्रतिनिधि पूरे उत्साह के साथ अभियान का संचालन करें। राजीविका की मिशन निदेशक  गोस्वामी ने कहा कि महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर होंगी, तो समाज उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगा।

 

श्याम पंचारिया ने कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित करने का अभियान है।  सुमन छाजेड़ ने कहा कि आज भी यदि हम जल संरक्षण के प्रति जागरुक नहीं हुए तो आने वाला समय हमारे लिए बहुत कष्टदायी होगा। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी  शैलजा पांडे ने अभियान की रूपरेखा के बारे में बताया तथा स्वागत उद्बोधन दिया। इस दौरान उपवन संरक्षक जी. वैंकटेश, उपखण्ड अधिकारी  महिमा कसाना, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी  दिलीप कुमार तथा अधीक्षण अभियंता (जलग्रहण)  महेश अजाड़ीवाल ने भी विचार व्यक्त किए।

 

वैदिक मंत्रोच्चार और घट पूजन के साथ हुई शुरूआत

 

इससे पहले खाद्य मंत्री  गोदारा तथा विधायक  व्यास सहित अन्य अतिथियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच घट पूजन के साथ अभियान की शुरूआत की। इसके लिए गंगाजल का उपयोग भी किया गया। समारोह के दौरान राजीविका के स्वयं सहायता समूहों, नगर निगम, उरमूल डेयरी, जलग्रहण, सूचना एवं जनसंपर्क तथा वन विभाग की नौ स्टाॅल्स भी लगाई गई। अतिथियों ने इनका अवलोकन किया। भरत कला मंडल के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया।

 

मुख्य सचिव ने दिलाई शपथ

इस दौरान मुख्य सचिव  वी. श्रीनिवास ने सभी प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित शपथ दिलाई। कार्यक्रम के अंत में खाद्य मंत्री  गोदारा, मुख्य सचिव  वी. श्रीनिवास सहित अन्य अतिथियों ने पौधारोपण किया। संचालन करते हुए जिला परिषद के आईईसी काॅर्डिनेटर  गोपाल जोशी ने अभियान के महत्व के बारे में बताया। समारोह में जिला परिषद की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी  प्रियंका तलानिया,  दीपक पारीक,  मोतीलाल हर्ष सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।