बीकानेर, 8 मई। भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप के बीच स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने शुक्रवार को डॉ. सुनील जैन के साथ बीकानेर और लूणकरणसर ब्लॉक के विभिन्न अस्पतालों का सघन दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डॉ. साध ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बम्बलु, शेरेरा, गारबदेसर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालू का औचक निरीक्षण किया।
*हीटवेव वार्ड और संसाधनों की उपलब्धता को जांचा:*
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने अस्पतालों में हीटवेव प्रबंधन के लिए की गई तैयारियों को गहनता से परखा। उन्होंने ओआरएस, आईवी फ्ल्यूड और अन्य जीवन रक्षक दवाइयों के स्टॉक का विस्तृत ब्यौरा लिया। अस्पताल परिसर में शीतल पेयजल, ओपीडी और दवा वितरण काउंटरों के पास छाया की व्यवस्था, कूलर, पंखे और एसी की कार्यशीलता को भी मौके पर जांचा गया। उन्होंने लू-तापघात से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ के प्रशिक्षण स्तर की भी समीक्षा की। उन्होंने अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत की गई गतिविधियों की रिपोर्ट ली तथा अस्पताल को अग्नि सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।
*दूषित पेयजल और मौसमी बीमारियों पर सतर्कता के निर्देश:*
डॉ. साध ने उल्टी-दस्त के मामलों पर कड़ी नजर रखने और क्षेत्र में पेयजल के नियमित नमूने संग्रहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जलदाय विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर सर्वे गतिविधियाँ आयोजित करने को कहा। विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर लू से बचाव के फ्लेक्स और बैनर चस्पा करने के निर्देश दिए गए ताकि आमजन को जागरूक किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि लू लगने पर मरीज को तुरंत ‘टेको’ पद्धति से राहत प्रदान की जाए।
*लापरवाही पर जताई नाराजगी, मुख्यालय नहीं छोड़ने के आदेश:*
डॉ. साध ने 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लगाए जा रहे एचपीवी टीके की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, परिवार कल्याण, गैर-संचारी रोग स्क्रीनिंग और टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की गई। डॉ. साध ने निर्देश दिए कि प्रतिकूल मौसम के दौरान समस्त स्टाफ मुख्यालय पर उपस्थिति सुनिश्चित करेगा और 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहकर सेवाएं उपलब्ध करवाएगा।
