जख्मी पक्षियों के लिए फरिश्ता बनी समिति, बुजुर्गों का भी सहारा :- सब कुछ निशुल्क

बीकानेर राजस्थान
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अनुशासित वाणी न्यूज़

बीकानेर, 20 अप्रैल 2026।प्रधान संपादक जयसिंह चौहान के द्वारा एक विशेष रिपोर्ट। आखातीज के पावन पर्व पर जहां आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सजा नजर आता है, वहीं दूसरी ओर चाइनीज मांझे से घायल होते पक्षियों की दर्दनाक तस्वीरें भी सामने आती हैं। इस पीड़ा को समझते हुए समाजसेवी रामदयाल राजपुरोहित ने मानवता और जीव दया की मिसाल पेश करते हुए “राजमाता सुशीला कुमारी जीव दया सेवा समिति” की स्थापना की।

यह समिति पिछले समय से लगातार घायल पक्षियों का निशुल्क उपचार कर रही है। आखातीज के दौरान विशेष रूप से शहर के विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाकर घायल पक्षियों का इलाज किया गया और आमजन को चाइनीज मांझे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।

सिर्फ पक्षियों तक ही सीमित न रहते हुए, समिति द्वारा घायल पशुओं का भी इलाज किया जाता है। इसके साथ ही, शहर में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन के सहयोग से पुलों और चौड़ी सड़कों पर सेफ्टी वायर लगाने का सराहनीय कार्य भी किया गया है, जिससे हादसों में कमी आई है।

इस समिति की सबसे अनूठी पहल बुजुर्गों के लिए शुरू की गई सेवा है। आज के समय में जब कई बुजुर्ग माता-पिता अकेलेपन का सामना कर रहे हैं, ऐसे में समिति के सदस्य उनसे “समय दान” मांगते हैं। वे बुजुर्गों के पास जाकर उनके साथ समय बिताते हैं, उनकी समस्याएं सुनते हैं, दवाइयों और आवश्यक सामान की व्यवस्था करते हैं और उनका अकेलापन दूर करने का प्रयास करते हैं।

सबसे खास बात यह है कि यह पूरी सेवा पूर्ण रूप से निशुल्क और निस्वार्थ भाव से की जाती है। रामदयाल राजपुरोहित का मानना है कि इस सेवा से उन्हें आत्मसंतुष्टि और बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलता है, जो उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।

निसंदेह, यह पहल न केवल जीवों के प्रति दया भाव का संदेश देती है, बल्कि समाज में मानवता, संवेदनशीलता और सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल भी प्रस्तुत करती है।