सभी उपकेंद्रों पर मिले प्रसव सेवाएं : सीएमएचओ डॉ पुखराज साध

बीकानेर राजस्थान
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*सभी उपकेंद्रों पर मिले प्रसव सेवाएं : सीएमएचओ डॉ पुखराज साध*

*बज्जू ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य समीक्षा बैठक आयोजित*

बीकानेर/बज्जू, 17 जनवरी। सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव सेवाएँ मिलनी ही चाहिए। इसके लिए आवश्यक संसाधन की कोई कमी नहीं है। यदि प्रशिक्षण की आवश्यकता हो तो जिला स्तर से करवा दिया जाएगा। ये निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पुखराज साध ने दिए हैं। वे शनिवार को बज्जू ब्लॉक की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बज्जू खंड की ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बीसीएमओ कोलायत डॉ. सुनील कुमार जैन, बीसीएमओ बज्जू डॉ. शिवराज जाखड़, डॉ. सुनील, डॉ. महेंद्र, डॉ. योगेंद्र, बीपीओ हेतराम बेनीवाल सहित सभी संबंधित अधिकारी एवं एएनएम उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, गैर संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम तथा एचपीवी वैक्सीनेशन की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। अधिकारियों ने फील्ड स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध रिपोर्टिंग एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, नियमित एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान तथा समय पर रेफरल व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

एनसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत 30 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग, बीपी एवं शुगर जांच, नियमित फॉलो-अप तथा ब्रेस्ट, ओरल एवं सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सक्रिय केस फाइंडिंग, दवा उपचार की निरंतरता, नोटिफिकेशन एवं टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने पर बल दिया गया। इसके साथ ही एचपीवी वैक्सीनेशन कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र किशोरियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण, सही काउंसलिंग एवं सटीक रिकॉर्ड संधारण के निर्देश दिए गए।

बैठक के अंत में अधिकारियों ने सभी एएनएम को फील्ड विजिट बढ़ाने, जन-जागरूकता गतिविधियों को सुदृढ़ करने तथा विभागीय दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके।