बीकानेर,राजस्थान। में पत्रकारों ने “खेजड़ी और गोचर बचाओ” अभियान के समर्थन में संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने खेजड़ी के पेड़ों और गोचर (चारागाह) भूमि के संरक्षण की मांग की है। स्पष्ट है कि यह मुद्दा गैर राजनीतिक है। समाज और भावी पीढ़ियों के हित को देखते हुए समाज और प्रशासन के प्रति समभाव से कलम चलाने वाले पत्रकारों को यह कदम स्थानीय पर्यावरण और पशुधन के मुद्दों पर प्रकाश डालने के लिए उठाना पड़ा । खेजड़ी का पेड़ राजस्थान प्रदेश के बीकानेर की इस मरुभूमि में कल्पतरु के सामन मना जाता है और हजारों सालो सें पूजा जाता आया है ।और गोचर भूमि, जो कि राजस्थान की संस्कृति और पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण हैं। यही कारण है कि पर्यावरण एवं गौधन मित्र संस्था-संगठनों के साथ-साथ पत्रकारों को हस्तक्षेप करने और प्रशासन से कार्रवाई की मांग के लिए आगे आना पड़ा। संभागीय आयुक्त ने ज्ञापन प्रदान करने वाले पत्रकारों को आश्वस्त किया कि आपकी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी जाएगी ।
ज्ञापन के मुताबिक बीकानेर में गोचर अधिग्रहण प्रस्ताव और खेजड़ी कटाई मामले में नीतिगत निर्णय शीघ्र लिया जाना चाहिए । बीकानेर में लंबे समय से बीडीए द्वारा हज़ारों बीघा गोचर भूमि के अधिग्रहण प्रस्ताव और खेजड़ी की कटाई का विरोध हो रहा है। इन दोनों मुद्दों पर बीकानेर की जनता ने किसी भी प्रकार के कानून को हाथ में ना लेते हुए न्याय संगत कानून के नियमों का पालन करते हुए अनेक आंदोलन किए हैं ।विरोध के अलग-अलग तरीकों से सरकार को अवगत कराने के प्रयास किये हैं। जिनमें धरना-प्रदर्शन, रैली और विभिन्न स्तरों पर ज्ञापन भी शामिल हैं।
इन दोनों ही मुद्दों पर अब तक बीकानेर के लगभग सभी संगठन अपना विरोध दर्ज करवा चुके हैं।और वह बहुत उद्वेलित है इस कड़ी में हम बीकानेर के पत्रकार भी सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। और मांग कि है की इन दोनों मुद्दों पर राजस्थान सरकार जनहित को ध्यान में रखते हुए नीतिगण निर्णय करें।
