समुद्री क्षेत्र से थार की धर्म नगरी में पधारे जगद्गुरु, लाए भक्ति-सागर, चैत्र नवरात्रि पर रातोंरात होगा चतुर्दश देवालयों का निर्माण

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बीकानेर 12 मार्च 2026 गुरुवारसमुद्र-किनारे से पधारे जगद्गुरू थार में हिलोरे ले रहे आस्था के सागर में इस चैत्र नवरात्रि में श्रद्धालुओं को भक्तिरस-वर्षा से तर कर देंगे। ऐसा होगा थार में पल्लवित-पुष्पित धर्मनगरी के गंगाशहर मार्ग पर संचालित अग्रवाल भवन में। इस वृहद् अनुष्ठान (चैत्र नवरात्रि विराट कथा यज्ञ) को 19 मार्च से 29 मार्च तक तमिलनाडु के श्री पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम, कृष्णगिरी के विश्व विख्यात पीठाधीश्वर जगद्गुरु पूज्यपाद 1008 वसंत विजयानंद गिरी महाराज की प्रेरणा और उन्हींके सान्निध्य में संपन्न करने का आशीर्वाद मिला है।

इतना ही नहीं, अनुष्ठान स्थल पर न केवल रातों-रात प्रतीकात्मक ऊंचे-ऊंचे चतुर्दश मंदिरों का निर्माण होगा वरन् धर्म क्षेत्र में कुबेर और लक्ष्मी का स्थाई रूप से वास सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ 11 दिन तक रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक पायरेट कुबेर लक्ष्मी यंत्र एवं 1008 जीबू कॉइन का दिव्य साधना शिविर में बड़ी संख्या में साधक तप करेंगे। धार्मिक राजधानी काशी के विद्वान पंडित 9 कुंडीय विराट यज्ञ करवाएंगे जिसमें कई क्विंटल समिधा की आहुतियों से धर्म नगरी बीकानेर महकेगा। इन सभी के साथ आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा अद्भुत शिवलिंग। इस वृहद अनुष्ठान के संबंध में जानकारी देने के लिए गुरुवार को अग्रवाल भवन में पत्रकार वार्ता का आयोजन कर ट्रस्ट सदस्य गुरुभक्त संकेश जैन ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने 11 दिनों में प्रतिदिन अलसभोर से रात्रि के दूसरे प्रहर तक किए जाने वाले अनुष्ठानों का बिंदुवार विवरण बताया।

 

चतुर्दश मंदिर 35 से 45 फीट ऊंचे बनेंगे

 

अनुष्ठान स्थल अग्रवाल भवन में 35 से 45 फीट ऊंचे अस्थाई मंदिर बनाए जाएंगे। इनमें 14 देवी-देवता दर्शन देंगे। इनमें प्रथम पूज्य गणपति, भैरव नाथ, ………….

 

इस वृहद अनुष्ठान के तहत 500 दिव्य समृद्धि कलश स्थापित कर उनमें 351 दुर्लभ धार्मिक महत्व की सामग्रियों को स्थान देक विशेष यज्ञ पूजा के द्वारा उनका सिद्धि विधान किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी, वहीं रात 10:30 बजे से ख्याति प्राप्त कलाकार भजन संध्या में अपनी प्रस्तुतियां देकर समां बाधेंगे।